लक्ष्मी देवी सर्राफ संस्कृत कॉलेज में संस्कृत सप्ताह का आयोजन, मुख्य वक्ता ने कहा, संस्कृत की उपेक्षा से लुप्त हो जायेगी संस्कृति
देवघर : लक्ष्मी देवी शराफ आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में संस्कृत सप्ताह कार्यक्रम सोमवार से शुरू हुआ. इसका उद्घाटन प्र0 प्राचार्य डॉ केशव कुमार राय ने किया. कार्यक्रम में मुख्य वक्ता महाविद्यालय के सहाचार्य पंडित विष्णुकांत झा ने कहा कि विश्व की सबसे प्राचीन भाषा संस्कृत है. हमारे पूर्वजों, ऋषियों की सभ्यता, संस्कृति, सिद्धांत, नियम, चिरसंचित […]
इसके संरक्षण की आवश्यकता है. संस्कृत साहित्य की ऋणी ऐतिहासिक रूप से हिंदी, अंगरेजी सहित भारत की तमाम क्षेत्रीय भाषा है. 20 से अधिक शास्त्रों व आधुनिक रचनाओं में हिलोरे मारती संस्कृत भाषा अपनी प्रतिष्ठा कभी नहीं कम कर सकती है. प्रभारी प्राचार्य ने कहा कि आजादी के बाद केंद्र व राज्य की अधिकांश सरकारों ने संस्कृत की घोर उपेक्षा की है.
इस कारण केंद्र सरकार के आदर्श संस्कृत महाविद्यालयों का अनुदान घटा है. झारखंड के सभी संस्कृत महाविद्यालयों की स्थिति काफी दयनीय है. इस महाविद्यालय में पिछले तीन वर्षों से एक भी शिक्षक नहीं हैं. कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ गंगाधर झा ने किया. इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारियों के अलावा काफी संख्या में छात्र आदि उपस्थित थे.
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