औरंगाबाद सांसद सुशील कुमार ने कहा नरेंद्र मोदी की कथनी व करनी में अंतर नहीं

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धनबाद: बिहार के औरंगाबाद के सांसद सुशील कुमार सिंह ने कहा है कि राष्‍ट्रपति पद के लिए बिहार के राज्‍यपाल रामनाथ कोविंद को उम्मीदवार बनाये जाने के बाद यह साबित हो चुका है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथनी व करनी में अंतर नहीं है. बुधवार की सुबह नयी दिल्ली से धनबाद पहुंचे सांसद श्री […]

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धनबाद: बिहार के औरंगाबाद के सांसद सुशील कुमार सिंह ने कहा है कि राष्‍ट्रपति पद के लिए बिहार के राज्‍यपाल रामनाथ कोविंद को उम्मीदवार बनाये जाने के बाद यह साबित हो चुका है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथनी व करनी में अंतर नहीं है. बुधवार की सुबह नयी दिल्ली से धनबाद पहुंचे सांसद श्री सिंह ने अौरंगाबाद लौटने के क्रम में प्रभात खबर से बातचीत में कहा कि श्री कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाये जाने से एक बाद फिर यह साबित हुआ है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गरीबों और समाज के सबसे निचले तबके की चिंता है और उस तबके को आगे लाने के लिए वे लगातार प्रयासरत हैं. श्री कोविंद की उम्मीदवारी से सामाजिक न्याय की अवधारणा और मजबूत होगी.
सुलझा व्यक्तित्व, बेदाग छवि : श्री सिंह ने कहा है कि श्री कोविंद सुलझे हुए व्‍यक्ति हैं. उनकी छवि बेदाग रही है. साथ ही उनका लंबा संसदीय जीवन रहा है. श्री कोविंद ने अपने राजनीतिक जीवन में समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए अथक परिश्रम किये और एक साधारण परिवार से भारत के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी तक का सफर तय किया है. वे समाज के वंचित वर्ग को अधिकार दिलाने और उनके सशक्तीकरण के प्रखर पैरोकार रहे हैं. संवैधानिक मामलों के जानकार श्री कोविंद के राष्ट्रपति बनने से देश को उनकी दूरदर्शिता और संविधान की गहरी समझ का लाभ मिलेगा.
सामने आया असली चेहरा : श्री सिंह ने कहा है कि श्री कोविंद को भाजपा की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने के बाद पिछड़ों-दलितों के उत्थान और सामाजिक न्याय को लेकर लंबी-चौड़ी बातें करनेवाली कांग्रेस समेत विभिन्न राजनीतिक पार्टियों का असली चेहरा सामने आ गया है. भाजपा की ओर से श्री कोविंद को उम्मीदवार बनाये जाने के बाद कांग्रेस के अंदर मीरा कुमार व सुशील कुमार शिंदे के नामों की चर्चा शुरू हुई. श्री कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह बधाई के पात्र हैं. श्री सिंह का दावा है कि एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति चुनाव बड़े अंतर से जीतेंगे.
‘संकीर्ण मानसिकता’ का परिचायक
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा योग दिवस नहीं मनाने के संबंध में सांसद श्री सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से चिढ़ना नीतीश जी की पुरानी आदत है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की एनडीए सरकार ने भारत के योग को आज अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलायी है. यह पूरे भारत के लिए गौरव की बात है. योग, भारत का है, न कि भाजपा का. भारत ही नहीं पूरी दुनिया ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया, तब नीतीश जी एक अलग ही सुर छेड़ा है. नीतीश जी का फैसला उनकी ‘संकीर्ण मानसिकता’ का परिचायक है.
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