केंद्रीय इस्पात मंत्री से मिले सेलकर्मी, गिनायीं समस्याएं

By Prabhat Khabar Digital Desk
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बोकारो: सेल कर्मियों के वेज रिवीजन के बाद अधिकारियों के वेतन विसंगति का मामला केंद्रीय इस्पात मंत्री तक पहुंच गया है. सेफी चेयरमैन एनके सामंत व महासचिव एके सिंह ने नयी दिल्ली में इस्पात मंत्री नरेंद्र तोमर से मुलाकात कर वेतन विसंगति के मामले से अवगत कराया और त्वरित समाधान के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया.

सेल के विभिन्न प्लांटों के उत्पादन, उत्पादकता, आधुनिकीकरण, माइंस नवीकरण व सेल के सुनहरे भविष्य आदि मुद्दों पर चर्चा की. साथ ही सेल के 20 हजार अधिकारियों के लंबित डिमांड से संबंधित एक ज्ञापन भी इस्पात मंत्री को सौंपा. तोमर ने मामले पर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है. कहा : वह स्वयं सेल के सभी इकाइयों का भ्रमण कर वस्तुस्थिति की जानकारी लेंगे और उचित कार्रवाई करेंगे.

क्या है अधिकारियों की वेतन विसंगति का मामला

एक जनवरी 2007 के रिवीजन में अधिकारियों को 30 प्रतिशत एमजीबी मिली, जबकि नव-प्रोन्नत अधिकारियों को केवल 21 प्रतिशत बढ़ोतरी दी गयी. दूसरी ओर, इन्हीं के साथ योगदान देने वाले बीएसएल कर्मियों का 10 वर्षो में दो बार वेज रिवीजन हुआ, जिसके तहत उन्हें क्रमश: 21 व 17 प्रतिशत एमजीबी दी गयी. इससे अधिकारियों के समक्ष वेतन विसंगति की समस्या उत्पन्न हो गयी है. सेल की सभी इकाईयों के फ्रंट लाइन ऑफिसर इससे खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं.

10 फीसदी अधिकारियों को ‘सी रेटिंग’

सेफी अधिकारियों ने इस्पात मंत्री को बताया : 10 प्रतिशत अधिकारियों को जबरदस्ती ‘सी रेटिंग’ देना व उनको पीआरपी का भुगतान नहीं करना अपने आप में एक गंभीर समस्या है. इससे अधिकारी वर्ग हतोत्साहित होता है. रिटायरमेंट के समय बची हुई छुट्टी के इंकैशमेंट भुगतान को सीमित करना एक तरह से अधिकारियों के साथ अन्याय है. इससे अधिकारियों को पांच से 10 लाख का घाटा हो रहा है. सेफी अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि यह दोनों फैसला पिछली सरकार का है. इसमें परिवर्तन की जरूरत है.

पेंशन स्कीम व इ-0 से इ-2 तक के स्केल की बढ़ोतरी

सेफी अधिकारियों ने इस्पात मंत्री से यथाशीघ्र पेंशन स्कीम को लागू करने की मांग की है, जिससे अभी रिटायर हो रहे अधिकारी भी इससे लाभान्वित हो सके. साथ ही पीआरपी भुगतान में सुधार का अनुरोध किया. बताया : इ-0 से इ-2 तक के स्केल की बढ़ोतरी का प्रस्ताव कई वर्षो पूर्व दिया गया है, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

नयी दिल्ली में इस्पात मंत्री से कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई है. सेफी ने मंत्री को सेल के सुनहरे भविष्य के लिए कदम-कदम पर साथ देने का आश्वासन दिया, साथ ही सेफी के अंतर्गत आने वाले लगभग 20 हजार अधिकारियों की लंबित मांगों पर चर्चा कर एक ज्ञापन सौंपा गया है. इसमें मुख्य रूप से अधिकारियों की वेतन विसंगति का मामला शामिल था. मंत्री ने कार्रवाई का आश्वासन दिया.

एके सिंह, महासचिव-सेफी सह अध्यक्ष-बोकारो स्टील ऑफिसर्स एसोसिएशन

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