ऑटो चालकों पर नहीं है प्रशासन का जोर

Updated at : 08 Sep 2019 3:56 AM (IST)
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ऑटो चालकों पर नहीं है प्रशासन का जोर

बोकारो : एक सितंबर को नया यातायात कानून आया है. इसके बाद नियम पालन कराने के लिए पुलिसिया तंत्र सड़क पर आ गया. गली-मुहल्ले में जहां मन वहां कभी भी वाहन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया जा रहा है. बिना हेलमेट बाइक व बिना सीट बेल्ट पहने चार पहिया चलाने वालों पर कार्रवाई की जा […]

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बोकारो : एक सितंबर को नया यातायात कानून आया है. इसके बाद नियम पालन कराने के लिए पुलिसिया तंत्र सड़क पर आ गया. गली-मुहल्ले में जहां मन वहां कभी भी वाहन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया जा रहा है. बिना हेलमेट बाइक व बिना सीट बेल्ट पहने चार पहिया चलाने वालों पर कार्रवाई की जा रही है. इन सब से इतर एक तबका ऐसा भी है जिसपर नये यातायात कानून का कोई असर नहीं हुआ है और न ही उसपर पुलिस प्रशासन का जोर चल रहा. वह तबका है ऑटो चालकों का. ये वर्तमान में भी मस्त होकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं.

नीला डीजल व खाकी रंग का ड्रेस है पेट्रोल ऑटो चालक के लिए : ऑटो चालकों के लिए ड्रेस कोड है. डीजल ऑटो के लिए नीला रंग व पेट्रोल ऑटो के लिए खाकी रंग की ड्रेस तय है. लेकिन, शहर के ज्यादातर ऑटो चालक बिना ड्रेस कोड के ही नजर आ रहे हैं. नाबालिग चालक भी ऑटो दौड़ाते आसानी से सड़कों पर दिख जाते हैं.
रजिस्ट्रेशन से उलट सवारी : ऑटो में बेहतरीब तरीका से सवारी बैठाने का क्रम भी नहीं टूटा है. चार पैसेंजर के लिए रजिस्टर्ड ऑटो में सात तो कभी आठ यात्री को बैठाया जा रहा है. लेकिन, पुलिस प्रशासन की नजर इस पर नहीं पड़ रही है.
पिंजरा बना ऑटो में बच्चे होते हैं लोड : नियम सुरक्षा के लिए होता है. लेकिन, ऑटो चालक इस सुरक्षा से खिलवाड़ करने से भी नहीं चुकते. इस रेस में बच्चों को भी नहीं छोड़ा जा रहा है. ऑटो को स्कूल वैन का शक्ल देकर भेड़-बकरी की तरह बच्चों को बैठाया जा रहा है.
जिधर मन उधर मोड़ : ऑटो की सबसे बड़ी खासियत इसका तीक्ष्ण मुड़ने की कला है. ऑटा चालक इसी खासियत का इस्तेमाल करते हैं. राह चलते अचानक से वाहन को यात्री देखते ही जिधर मन उधर मोड़ लेते हैं. इससे अन्य लोगों को परेशानी होती है.
यात्री बैठाने की होड़ में आपाधापी : यात्रियों को बैठाने के लिए ऑटो चालकों में आपाधापी हर मोड़ पर दिखती है. इसी क्रम में ऑटो चालक दायीं ओर से भी पैसेंजर को उतारते-चढ़ाते हैं, जो नियम विरुद्ध है. खास बात यह कि यह खेल नया मोड़ स्थित यातायात पुलिस कैंप के नजदीक भी खुलेआम होता है.
पहले हो चुकी है दुर्घटना : ऑटो से बच्चों को स्कूल भेजने के क्रम में कई बार दुर्घटना हो चुकी है. इसी साल चास मुस्लिम मोहल्ला में घटना में एक बच्चे की मौत हो गयी थी. पिछले साल दो नामी-गिरामी स्कूल के बच्चों से भरा ऑटो दुर्घटना ग्रस्त हुई थी. आये दिन ऐसी घटना होती रहती है.
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