बोकारो : .. तो क्या कृषि की ओर ध्यान नहीं दे रहे बैंक

Updated at : 07 Oct 2018 10:06 AM (IST)
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बोकारो : .. तो क्या कृषि की ओर ध्यान नहीं दे रहे बैंक

चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में पिछले वर्ष की तुलना में गिरा है योजना का ग्राफ बोकारो : प्रत्यक्ष कृषि व अप्रत्यक्ष कृषि की स्थिति सुधारने के लिए बैंक कई योजनाएं चलाता है. फसल ऋण समेत कृषि उपकरण के लिए बैंक किसानाें को कर्ज मुहैया कराते है. लेकिन, बोकारो जिला में योजनाओं को धरातल […]

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चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में पिछले वर्ष की तुलना में गिरा है योजना का ग्राफ
बोकारो : प्रत्यक्ष कृषि व अप्रत्यक्ष कृषि की स्थिति सुधारने के लिए बैंक कई योजनाएं चलाता है. फसल ऋण समेत कृषि उपकरण के लिए बैंक किसानाें को कर्ज मुहैया कराते है. लेकिन, बोकारो जिला में योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए बैंकों की सजगता साल दर साल कम होती जा रही है. कम से कम आंकड़े तो इसी ओर इशारा कर रहे है. वित्तीय वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही की तुलना में चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में कम किसानों को योजनाओं का लाभ मिला है.
वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही में बैंक की ओर से 4866 किसानों को 2944.74 लाख रुपया का कर्ज मुहैया कराया गया था. इसमें 3294 किसानों को 1924 लाख का क्रॉप लोन और 1072 किसानों को 1020 लाख रुपया का एग्रीकल्चरल टर्म लोन दिया गया था. वहीं 2018-19 की पहली तिमाही में मात्र 2964 किसानों को 1524.90 लाख रुपये का लोन दिया गया. इसमें 1679 किसानों को 736.56 लाख का क्रॉप लोन और 1285 किसानों को 788.34 लाख रुपये का एग्रीकल्चरल टर्म लोन मिला है. 2017 की पहली तिमाही में टारगेट एचीवमेंट रेट 10.67 प्रतिशत था, जो 2018 में इसी दौरान घट कर मात्र 4.99 प्रतिशत रह गया.
अप्रैल से सितंबर तक ही ज्यादा खेती : जिला में खेती का अनुकूल समय अप्रैल से सितंबर है. इसी दौरान पेटरवार, कसमार, जरीडीह क्षेत्र में सब्जी व मक्का का उत्पादन होता है. साथ ही इसी दौरान जिला के 36 हजार हेक्टेयर भूमि में धान की खेती होती है. विभिन्न विभागों की योजना के तहत लगाये गये आम-जामुन का सीजन भी इसी दौरान आता है.
एमएसएमइ क्षेत्र में इजाफा
एक ओर जहां कृषि क्षेत्र में बैंकों का प्रदर्शन पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में गिरा है, वहीं दूसरी ओर एमएसएमइ (सूक्ष्म, लघु व मंझौले उद्योग) क्षेत्र में बैंक का प्रदर्शन सुधरा है. वित्तीय वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही में 3395 लोगों को 9152.57 लाख रुपया का कर्ज योजना के तहत मिला था, वहीं 2018-19 की प्रथम तिमाही में 4036 लोगों को 13016.04 लाख रुपया का कर्ज मिला. टारगेट एचीवमेंट रेट भी 12.48 प्रतिशत से बढ़ कर 16.4 प्रतिशत हो गया.
जब तक बुनियादी स्तर पर सुधार नहीं होगा, बैंक में कर्ज लेने किसान नहीं आयेंगे. इसमें विभागीय स्तर पर पहल करने की जरूरत है. कुछ योजनाओं पर काम चल रहा है, आने वाले दिनों में इसका सकारात्मक असर दिखेगा. बोकारो औद्योगिक शहर है, यहां एमएसएमइ के प्रदर्शन में हर साल सुधार ही होगा.
दिलीप कुमार मजूमदार, एलडीएम, बैंक ऑफ इंडिया, बोकारो
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