... क्या चास ने खो दिया है जिला व्यापार में आधिपत्य

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बोकारो : बोकारो जिला का आर्थिक गढ़ माना जाता है. माना जाता रहा है कि चास थोक व खुदरा बाजार के मामले में जिला को लीड करता है, लेकिन लगता है अब चास जिला का सिरमौर नहीं रहा. शायद इसी कारण लोग चास का रास्ता भूलने लगे हैं. फुसरो नगर परिषद चुनाव में चास का […]

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बोकारो : बोकारो जिला का आर्थिक गढ़ माना जाता है. माना जाता रहा है कि चास थोक व खुदरा बाजार के मामले में जिला को लीड करता है, लेकिन लगता है अब चास जिला का सिरमौर नहीं रहा. शायद इसी कारण लोग चास का रास्ता भूलने लगे हैं. फुसरो नगर परिषद चुनाव में चास का बाजार प्रत्याशी का इंतजार में है. अभी तक मात्र 20 हजार स्क्वायर फीट फ्लेक्स का ऑर्डर ही चास को मिला है. पहले नगर परिषद चुनाव में यह आंकड़ा 1.50 लाख स्क्वायर फीट के आसपास था.

कागज की प्रचार सामग्री : चुनाव प्रचार में तरह-तरह की सामग्रियों का इस्तेमाल होता है. फुसरो नगर पार्षद में इस्तेमाल हो भी रहा है. वार्ड चुनाव के प्रत्याशी भी काफी बड़ी साइज का फ्लेक्स लगा कर प्रचार कर रहे हैं. अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार तो हर वार्ड में प्रचार सामग्री के सहारे उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं. बावजूद इसके चास के नसीब का झोला इस बार खाली ही रह गया. कागज से बनी प्रचार सामग्री के मामले में मुश्किल से चास बाजार का खाता खुला है. जो भी आदेश मिला है, वह भी फुसरो के दुकानदारों की ओर से आपूर्ति नहीं होने के कारण ही हुआ है.
प्रतियोगिता बढ़ी : चास के फ्लेक्स व विज्ञापन सामग्री विक्रेताओं की मानें तो व्यवसाय में प्रतियोगिता सतत बढ़ रही है. फुसरो, तुपकाडीह व जैनामोड़ में फ्लेक्स निर्माण संबंधी उपकरण स्थापित कर लिये गये हैं. इसके असर से चास का बाजार मुक्त नहीं हो पाया है. पहली नगर परिषद के चुनाव में लगभग 90 प्रतिशत खरीदारी चास से हुई थी. दूसरे चुनाव में भी चास के बाजार ने लीड किया था. इस इक्का-दुक्का प्रत्याशी से ही चास पहुंचे हैं. कई प्रत्याशी ऐसे भी हैं, जो रांची का रुख कर ले रहे हैं.
फुसरो नगर परिषद चुनाव प्रचार सामग्री के लिए प्रत्याशी नहीं कर रहे चास का रुख
परोक्ष रूप से मात्र 20 हजार स्क्वायर फीट फ्लेक्स का ऑर्डर मिला
पहले चुनाव में 1.50 लाख स्क्वायर फीट फ्लेक्स बना था चास में
कई प्रत्याशी ऐसे भी
हैं, जो जा रहे हैं रांची
फुसरो व आसपास के क्षेत्र में फ्लेक्स प्रिंट के कई प्रतिष्ठान स्थापित हो गये हैं. प्रत्याशी स्थानीय व्यवसायी से दूरी बनाने का खतरा मोल नहीं लेना चाहते. इस कारण चास का बाजार सुना पड़ा है.
मनोज कुमार, व्यवसायी, चास
अगर फुसरो के दुकानदार सामग्री की आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं, तभी प्रत्याशी चास का रुख कर रहे हैं. फुसरो के दुकानदार के जरिये ही अप्रत्यक्ष रूप से कुछ अग्रिम बुकिंग हुई है. जो नहीं के बराबर है.
नवकांत मंडल, व्यवसायी, चास
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