घोषणा के बाद भी शुरू नहीं हुई वेंटीलेटर की सुविधा
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
Updated:
विज्ञापन
चिकित्सक के प्रशिक्षण के बाद भी नहीं खुला ब्लड बैंक घोषणा व निरीक्षण के बाद भी नहीं खुला नर्सिंग कॉलेज बोकारो : जिले में वर्ष 2017 में स्वास्थ्य व्यवस्था में कुछ खास परिवर्तन नहीं हुआ. केवल सदर अस्पताल में डायलिसिस व एनबीबीसीयू खुली. इसके साथ ही साल घोषणा व आश्वासन के बीच बीत गया. यह […]
विज्ञापन
चिकित्सक के प्रशिक्षण के बाद भी नहीं खुला ब्लड बैंक
घोषणा व निरीक्षण के बाद भी नहीं खुला नर्सिंग कॉलेज
बोकारो : जिले में वर्ष 2017 में स्वास्थ्य व्यवस्था में कुछ खास परिवर्तन नहीं हुआ. केवल सदर अस्पताल में डायलिसिस व एनबीबीसीयू खुली. इसके साथ ही साल घोषणा व आश्वासन के बीच बीत गया. यह अलग बात है कि बोकारो विधायक ने अपनी उपलब्धियों में बोकारो की स्वास्थ्य सुविधा पर भरोसा जताया है. कई सुविधा लोगों को मिलना बाकी है.
ब्लड बैंक शुरू नहीं होने के कारण कई तरह का ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है. मरीज में खून की
कमी होने पर चिकित्सक व
स्वास्थ्य कर्मी वापस भेज देते हैं. जबकि ब्लड बैंक संचालन के लिए जिले में दो चिकित्सकों पर
लाखों रुपये खर्च कर प्रशिक्षण दिया गया. अस्पताल में मरीजों का आना लगातार बढ़ रहा है. प्रतिदिन ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या लगभग 500 सौ के आसपास होती है. इसमें जेनरल, नेत्र, दंत, शिशु, चर्म, स्त्री एवं प्रसूति रोग से जुड़े मरीज होते हैं. मोतियाबिंद के मरीजों का ऑपरेशन होगा या नहीं. यह भी पता नहीं.
लापरवाही के मामले भी आये
विभाग सरकारी अस्पतालों में कई बार लापरवाही के मामले भी सामने आये. जैनामोड़ रेफरल अस्पताल व सदर अस्पताल में प्रसव के दौरान शिशु के मौत का मामला आया. अस्पतालों में जम कर हंगामा भी हुआ. सिविल सर्जन स्तर से जांच के लिए अलग-अलग टीम बनायी गयी. जांच पूरी कर रिपोर्ट भी अधिकारियों को सौंप दिया गया. इसके बाद भी दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. झारखंड महिला आयोग के चेयरमैन कल्याणी शरण के समक्ष अस्पताल में प्रसव के दौरान एएनएम द्वारा पैसा लिये जाने का मामला भी दर्ज कराया गया. इस मामले में चेयरमैन ने न्याय दिलाने का भरोसा भी भुक्तभोगी को दिया है.
घोषणाओं पर अमल नहीं
पिछले कई साल से नर्सिंग प्रशिक्षण शुरू करने का आश्वासन सरकार की ओर से दिया जा रहा था. इस वर्ष भी मुख्यमंत्री स्तर से घोषणा की गयी. स्वास्थ्य विभाग के आला व डिप्टी डायरेक्टर स्तर के अधिकारी बोकारो आये. नर्सिंग प्रशिक्षण के लिए बने कॉलेज भवन का निरीक्षण किया. सिविल सर्जन को जरूरी कार्य निबटाने के आदेश दिये. इसके बाद कॉलेज शुरू करने की बात कही. अधिकारियों के जाने के बाद सब कुछ ठप पड़ गया. स्वास्थ्य विभाग में छह पदों पर नियुक्ति को लेकर सवाल उठे. मामला आला अधिकारियों के पास गया. जांच पूरी हो गयी. कार्रवाई के नाम पर चुप्पी छा गयी. झारखंड अनुबंध कर्मचारी संघ के बैनर तले अनुबंधित स्वास्थ्य कर्मियों ने नियमित करने को लेकर लगातार आंदोलन किया. पर हर बार की तरह इस बार भी संघ को आश्वासन मिला.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










