आदेश के बावजूद रैयतों को मुआवजा का भुगतान नहीं
कथारा: राज्य सरकार के आदेश के बावजूद सीसीएल कथारा एरिया प्रबंधन द्वारा जारंगडीह मौजा के रैयतों को 57 करोड़ 83 लाख 90 हजार रुपये मुआवजा भुगतान नहीं करने का मामला गरमाता जा रहा है. इस संबंध में रैयत विस्थापित मोर्चा ने गुरुवार को बैठक को प्रबंधन को चेतावनी दी है. मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष एन […]
जमीन के बदले में रैयतों को नियोजन, मुआवजा व पुनर्वास नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि इस बाबत फरवरी 2017 में मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा था. उक्त पत्र के अलोक में राज्य सरकार के उप सचिव अवध नारायण सिंह द्वारा आवश्यक कार्रवाई करते हुए बोकारो डीसी को निर्देश जारी कर रैयतों की जमीन का सत्यापन करा कर जिला राजस्व शाखा से मुआवजा भुगतान कराने का आदेश दिया है. उप सचिव के आदेश पर डीसी ने बेरमो अंचल कार्यालय से विस्थापितों की जमीन का सत्यापन कराया, जिसमें जारंगडीह परियोजना में मुस्लिम मियां की 16 एकड़ 11 डिसमिल जमीन सत्य पाया गया. सत्यापन रिपोर्ट डीसीएलआर तेनुघाट के माध्यम से जिला राजस्व शाखा भेजी गयी.
राजस्व शाखा द्वारा इस संबंध में 25 नवंबर को अधिग्रहीत भूमि के एवज में 57 करोड़ 83 लाख 90 हजार रुपये रैयतों को भुगतान करने का आदेश सीसीएल प्रबंधन को दिया गया, लेकिन प्रबंधन अब तक भुगतान नहीं किया है. इस पर रैयत विस्थापित मोर्चा ने सीसीएल सीएमडी को पत्राचार कर रैयतों को भुगतान कराने की मांग की. मामले में सीसीएल सीएमडी के आदेश पर सीसीएल एसएंडएम, एलएण्डआर हितेश वर्मा द्वारा कथारा क्षेत्रीय प्रबंधन को पत्र जारी कर एक कमेटी गठित कर कैंप में रैयतों को भुगतान तथा उनकी समस्याओं का निदान करने का निर्देश दिया गया. लेकिन क्षेत्रीय प्रबंधन द्वारा अब तक कमेटी नहीं बनायी गयी है. इससे रैयतों में आक्रोश है.
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