झारखंड का सबसे बड़ा मानव तस्कर है वामदेव

By Prabhat Khabar Digital Desk
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रांची: युवती के साथ दुष्कर्म और गरीब लड़कियों को दिल्ली ले जाकर बेचने के आरोप में गिरफ्तार बाबा वामदेव मानव तस्करी में काफी दिनों से लिप्त रहा है. झारखंड में सक्रिय ऐसे गिरोह की सूची दीया सेवा संस्थान ने सीआइडी के अधिकारियों को उपलब्ध करायी थी, जिसमें बाबा वामदेव का नाम पहले नंबर पर था.

संस्थान के बैजनाथ कुमार की ओर से सौंपी गयी सूची के बाद सीआइडी के अधिकारियों ने दिल्ली पुलिस को मामले में कार्रवाई के लिए लिखा था. इधर, गिरफ्तारी के बाद बाबा वामदेव को लातेहार पुलिस ने जिस केस में जेल भेजा है, उस केस में पीड़ित आदिवासी युवती ने पुलिस को सूचना दी है कि उसे गुमराह कर वर्ष 2009 में दिल्ली ले जाया गया था. वहां ललन कुमार नामक व्यक्ति ने उसके साथ दुष्कर्म किया था. एक बार वह गर्भवती हो गयी, तब उसका गर्भपात कराया गया था. इसमें बाबा वामदेव भी शामिल था. इसके अलावा एक अन्य युवती ने भी बाबा वामदेव के खिलाफ चुटिया थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. युवती ने आरोप लगाया था कि उसे चुटिया क्षेत्र से अपहरण कर दिल्ली ले जाया गया.

वहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया. इस घटना में बाबा वामदेव भी शामिल था. हालांकि बाद में युवती ने बाबा से समझौता कर लिया. इस वजह से पुलिस ने मामले में कार्रवाई नहीं की. खबर है कि युवती ने केस में समझौता दबाव में आकर किया था.

युवतियों को दिल्ली पहुंचाने के लिए थे एजेंट
बाबा वामदेव ने दिल्ली में प्लेसमेंट एजेंसी खोल रखी थी. वहां वैसी लड़की को झारखंड से ले जाया जाता था, जो काम की तलाश में नौकरी करना चाहती थी. प्लेसमेंट एजेंसी तक युवतियों को पहुंचाने के लिए बाबा वामदेव ने गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, खूंटी, रांची और पलामू प्रमंडल में एजेंट को नियुक्त कर रखा था. एजेंटों का काम गरीब युवतियों को बहला-फुसला कर ट्रेन से दिल्ली ले जाना होता था. इसके एवज में एजेंट को रुपये भी मिलते थे.

पुलिस तक को दिखाया था धौंस
जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के स्टेशन रोड स्थित जिस घर से गत शनिवार को पुलिस को चकमा देकर बाबा वामदेव भागा था, उस घर को पिछले दो माह से वामदेव ने ठिकाना बना रखा था. उस घर को लेकर दो पक्षों में विवाद भी चल रहा है. विवाद को लेकर जब भी पुलिस वहां पहुंचती, तब वामदेव अपनी पहुंच का धौंस पुलिस को दिखाया था. उसकी धौंस के कारण ही पुलिस ने वहां जाना छोड़ दिया था. बाबा के कुछ नेताओं से भी अच्छे संबंध थे, इस वजह से पुलिस कार्रवाई नहीं करती थी.वामदेव के खिलाफ दिल्ली में तीन मामले दर्ज हैं. मामले में दिल्ली पुलिस जब उसकी तलाश शुरू करती, तब बाबा पुलिस से बचने के लिए झारखंड में आकर छिप जाता था.

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