सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ स्टेशन रोड के होटल में हुई छापेमारी

Updated at : 30 May 2016 6:53 AM (IST)
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सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ स्टेशन रोड के होटल में हुई छापेमारी

चार युवतियां व तीन युवकों को किया गया गिरफ्तार हाजीपुर : नगर पुलिस ने स्टेशन रोड स्थित एक आवासीय होटल में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया और संदिग्धावस्था में होटल से सात व्यक्तियों को गिरफ्तार किया. सेक्स रैकेट के अड‍्डे के रूप में विकसित हो रहे स्टेशन रोड के आवासीय होटल में पुलिस की छापेमारी […]

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चार युवतियां व तीन युवकों को किया गया गिरफ्तार

हाजीपुर : नगर पुलिस ने स्टेशन रोड स्थित एक आवासीय होटल में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया और संदिग्धावस्था में होटल से सात व्यक्तियों को गिरफ्तार किया. सेक्स रैकेट के अड‍्डे के रूप में विकसित हो रहे स्टेशन रोड के आवासीय होटल में पुलिस की छापेमारी की खबर मिलते ही सैकड़ों की संख्या में लोग वहां इकट्ठे हो गये. प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर थानाध्यक्ष सुनील कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने स्टेशन रोड स्थित एसके अावासीय होटल में छापेमारी कर चार युवतियों और तीन लड़कों को संदिग्धावस्था में गिरफ्तार किया.
छापेमारी की भनक लगते ही भाग खड़ा हुआ प्रबंधक : पुलिस के वहां पहुंचते ही पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर होटल प्रबंधक भाग खड़ा हुआ. सूत्रों का कहना है कि आवासीय होटलों में इस तरह का कारोबार प्रबंधक की देखरेख में ही होता है. लेकिन, कई बार छापेमारी के बाद भी प्रबंधक के विरुद्ध मामला दर्ज नहीं होता है और केवल संदिग्धों को साथ लेकर पुलिस लौट जाती है.
20 से 30 वर्ष के बीच के हैं सभी संदिग्ध : छापेमारी में पुलिस द्वारा पकड़े गये सभी संदिग्धों की उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच बतायी जाती हैं. नगर पुलिस सभी को गिरफ्तार कर नगर थाना लाने के बाद पूछताछ कर रही है. सूत्रों का कहना है कि पुलिस द्वारा पकड़े गये लड़कियों एवं होटल संचालकों के विरुद्ध कोई मामला दर्ज नहीं कराये जाने के कारण ये लोग बदस्तूर धंधे में लगे रहते हैं और पुलिस छापेमारी कर अपने कर्तव्य की खानापूरी कर देती है.
अक्सर छापेमारी में पकड़े जाते हैं जोड़े : नगर पुलिस नियमित रूप से आवासीय होटलों पर छापेमारी कर अपने कर्तव्य का खानापूरी करती है और हर बार होटलों से कुछ जोड़ों को गिरफ्तार करती है, लेकिन सेक्स रैकेट के विरुद्ध कोई कारगर कदम उठाने से बचती रही है. छापेमारी के बाद युवतियों को थाने से ही छोड़ दिया जाता है जबकि एक-दो पुरुषों को जेल भेज कर खानापूर्ति कर ली जाती है.
धड़ल्ले से खुल रहे आवासीय होटलों की उपयोगिता पर उठ रहे सवाल : शहर में धड़ल्ले से खुल रहे आवासीय होटलों की क्या उपयोगिता है यह समझने के लिए आप किसी भी दिन सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक इन होटलों की निगरानी कर इसकी सच्चाई जान सकते हैं. खास कर स्टेशन के आसपास के आवासीय होटलों में आने-जानेवाले संदिग्ध जोड़े कभी भी देखे जा सकते हैं. जानकारों का कहना है कि इन होटलों के व्यवसाय का सच्चाई जानने के लिए इनके सीसीटीवी कैमरे को खंगालना ही काफी होगा.
नहीं होती सभी ग्राहकों की इंट्री : इन आवासीय होटलों में रखी पंजी में सभी ग्राहकों के बारे में जानकारी दर्ज नहीं की जाती है. अमूमन एक-दो दिन रुकनेवाले यात्रियों के बारे में पंजी में विवरण दर्ज किया जाता है और सेक्स रैकेट के वैसे सदस्य, जो कुछ देर के लिए आते हैं, उनके बारे में बगैर कोई जानकारी दर्ज किये ही उन्हें कमरा उपलब्ध करा दिया जाता है. ऐसे ग्राहकों से निर्धारित किराये से ज्यादा राशि वो भी काफी कमय समय के उपयोग पर वसूल की जाती है, जो संबंधित होटल के प्रबंधक की जेब में चली जाती है.
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