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दिल्ली और दूसरी जगहों से आ रहे लोगों को अब घर तक पहुंचायेगी राज्य सरकार- नीतीश कुमार

By Pritish Sahay
Updated Date

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिल्ली समेत दूसरे राज्यों से बिहार अाने वाले लोगों को उनके गांव तक पहुंचाने का इंतजाम करने का निर्देश दिया है. सीएम के निर्देश पर तत्काल अमल करते हुए रविवार को आपदा प्रबंधन विभाग ने पचीस हजार लोगों को उनके गांव तक छोड़ दिया. आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों के डीएम को जिला मुख्यालय में गाड़ियों की व्यवस्था करने को कहा है, जहां से बाहर से आये लोगों को उनके गांव के स्कूल तक पहुंचाया जायेगा.

गांव के स्कूल में उन्हें 14 दिनों तक क्वारंटाइन किया जायेगा. इसके बाद आने वाली रिपोर्ट के बाद उन्हें घर जाने दिया जायेगा. आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि सीमावर्ती जिलों में बने आपदा सीमा राहत शिविर में दूसरे राज्यों से आये लोगों का रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है. उनके स्वास्थ्य की जांच की गयी है. भोजन और आराम के बाद उन्हें परिवहन विभाग द्वारा उपलब्ध बसों में जिला मुख्यालय तक भेजने का प्रबंध किया गया. यह प्रक्रिया अभी दो से तीन दिनों तक चलेगी. प्रधान सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर बाहर से आये सभी बिहारवासियों को उनके गांव तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है. सभी बीडीओ, सीओ, गांव के मुखिया और सरपंच को क्वारंटाइन और सामाजिक दूरी के नियमों को पालन करने के लिए निगरानी करने को कहा गया है.

इसके पहले रविवार की दोपहर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक हुई. जिसमें उनके अलावा गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आमीर सुबहानी, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत और स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डा संजय कुमार शामिल हुए. अधिकारियों ने कोरोना वायरस से निबटने के लिए सरकार के स्तर पर किये जा रहे उपायों की समीक्षा की. आपदा प्रबंधन विभाग ने रविवार को शहरी गरीबों के लिए प्रदेश में 94 आपदा राहत केंद्र चलाये, जिनमें 67 सौ लोगों को भोजन कराया गया.

अापदा प्रबंधन विभाग के निर्देश के बाद देश भर से राज्य में आने वाले लोगों के लिए परिवहन विभाग ने 550 बसों की व्यवस्था की है. इन बसों से दिल्ली और दूसरे राज्यों से भाग कर आये लोगों को उनको घरों तक पहुंचाया जायेगा. रविवार को परिवहन सचिव संजय अग्रवाल ने इसके लिए सभी डीटीओ को निर्देश जारी किये हैं. सभी को अपने जिले में वाहन कोषांग खोलने का निर्देश दिया गया है. परिवहन सचिव ने बताया कि बसों में यात्रियों को चढ़ाने से पहले व उतारने के बाद सेनेटाइज किया जायेगा. पहले चरण में पटना से 40 बसों को यात्रियों को लाने के लिए कैमूर भेजा गया.

सचिव ने कहा है कि वाहन कोषांग बनाने के लिए वैसी जगहों को चिह्नित किया जाये जहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा सके. इसके अलावा बसों में बैठाने के क्रम में भी सोशल डिस्टेंसिंग पालन करने को कहा गया है. बस से जाने वाले सभी यात्रियों की जानकारी रजिस्टर में मेनटेन की जायेगी. सभी चालक व कंडक्टरों को हैंड ग्लव्स व मास्क की व्यवस्था की जायेगी. उनके फोन नंबर आदि जानकारी रखे जाने के निर्देश दिये हैं. प्रखंड मुख्यालय से लोगों को अन्य वाहनों से उनके संबंधित गांव तक पहुंचाया जायेगा. गंतव्य जिले में यात्रियों को उतरने के बाद खाली बस पुनः संबंधित सीमावर्ती जिला दूसरी खेप के लिए जायेगी.

पैनिक होने की जरूरत नही, सब कोई रहें सचेत :मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि कोरोना के संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने वाले संदिग्ध लोगों की सघन स्क्रीनिंग करायी जाये और संदिग्ध लोगों की टेस्टिंग कराने में भी तेजी लायी जाये. साथ ही मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत को अन्य राज्यों में लॉकडाउन में फंसे बिहार के लोगों को राहत पहुंचाने के लिए सघन निगरानी करने का निर्देश दिया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य राज्यों में जो बिहार के लोग फंसे हुए हैं, उनके लिए बिहार भवन में जारी हेल्पलाइन नंबर से लोगों की मदद की जा रही है. उन्होंने राज्य स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम को और मजबूत करते हुए इसकी सघन निगरानी का भी आदेश दिया. उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में लॉकडाउन में फंसे बिहार के लोगों के संबंध में संबंधित राज्य सरकार जिला प्रशासन से संपर्क स्थापित कर सूचनाकर्ता व शिकायतकर्ता से उनके आवास व भोजन की समुचित व्यवस्था के संबंध में फीडबैक लें.

मुख्यमंत्री ने सभी राज्यों के लिए अलग–अलग पदाधिकारियों को जिम्मेदारी देने का भी निर्देश दिये. साथ ही इसकी मानिटरिंग भी करने को कहा. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कोरोना संक्रमण से निबटने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है, लेकिन इस बीमारी की गंभीरता को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति का सचेत रहना नितांत आवश्यक है. लोगों को पैनिक होने की जरूरत नहीं है. इसके लिए जो जहां हैं, सोशल डिस्टेंसिंग को अपनायें. आप सब लोग अपने घर के अंदर रहें, अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें. उन्होंने विश्वास जताया कि आप सभी के सहयोग से हम सब मिलकर इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करने में सक्षम होंगे.

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