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डेंगू की दस्तक, पांच मरीजों में मिले लक्षण

Updated at : 13 Sep 2019 2:04 AM (IST)
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डेंगू की दस्तक, पांच मरीजों में मिले लक्षण

सीवान : जिले के कुछ जगहों पर डेंगू के प्रकोप होने के बाद शहर में भी डेंगू ने दस्तक दे दी है. जानकारी के अनुसार पूरे जिले में करीब दर्जन भर से अधिक लोग डेंगू हुआ है. इसमें से मात्र पांच लोगों को ही डेंगू होने की विभाग को सूचना मिली है. हालांकि उपचार के […]

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सीवान : जिले के कुछ जगहों पर डेंगू के प्रकोप होने के बाद शहर में भी डेंगू ने दस्तक दे दी है. जानकारी के अनुसार पूरे जिले में करीब दर्जन भर से अधिक लोग डेंगू हुआ है. इसमें से मात्र पांच लोगों को ही डेंगू होने की विभाग को सूचना मिली है. हालांकि उपचार के दौरान गुठनी के प्रखंड एक युवक की मौत भी दूसरे प्रदेश में हो चुकी है.

पचरुखी प्रखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी मेडिकल ऑफिसर डॉ सुरेंद्र प्रसाद को भी डेंगू हुआ था. लेकिन डेंगू मरीजों की लाइन लिस्ट में अभी तक उनका नाम नहीं जुड़ पाया है. इसके कारण मलेरिया विभाग ने पांच स्थानों मुस्तफबाद, तिलिमापुर, नगईं, इनामीपुर तथा सदर प्रखंड के चकरा गांव में फॉगिंग कराया है. पचरुखी में अभी तक फॉगिंग नहीं कराया जा सका है.
पिछले साल की महामारी को देख विभाग है अलर्ट : पिछले साल सीवान शहरी क्षेत्र में महामारी के रूप में फैले डेंगू बीमारी को देख इस साल स्वास्थ्य विभाग पहले से ही अलर्ट है. करीब एक माह से प्रतिदिन शहरी क्षेत्रों में ध्वनि प्रसारण यंत्र से लोगों को डेंगू बीमारी के संबंध में जागरूक किया जा रहा है. डेंगू जांच के लिए सदर अस्पताल में डेंगू रैपीड कीट उपलब्ध है.
मलेरिया विभाग भी काफी सजग है. ग्रामीण क्षेत्रों में जागरुकता एवं मैलाथियान का फॉगिंग कराया जा रहा है. 2018 शहर के लोगों को हमेशा याद रहेगा. वर्ष 2018 डेंगू बीमारी से पांच लोगों के मरने तथा करीब दो सौ से अधिक लोगों के अक्रांत हुए थे. हालांकि सरकारी आंकड़ों में विभाग के अधिकारी डेंगू से एक भी लोगों के मरने की बात नहीं कही गयी.
विभाग को पांच डेंगू मरीजों की है जानकारी : मलेरिया विभाग को मात्र पांच डेंगू मरीजों की जानकारी है. ये मरीज वे है जिनका इलाज सरकारी अस्पतालों या पीएमसीएच में हुआ है. जिले में अभी करीब एक दर्जन से अधिक डेंगू से संक्रमित मरीज हैं. लेकिन इन मरीजों की जिला सर्वेक्षण इकाई को जानकारी नहीं है.
अधिकांश लोग तबीयत खराब होने पर निजी अस्पतालों में ही इलाज कराते है. वहां पर अगर डेंगू बीमारी मिलती है तो जिले के कोई भी जांच घर या डॉक्टर जिला सर्वेक्षण इकाई को इस प्रकार की बीमारी वाले मरीजों की जानकारी विभाग को नहीं देते है. जब बीमारियों की जानकारी विभाग को नहीं होगी तो स्वाभाविक है कि उसको रोकने के लिए सरकारी स्तर पर काम नहीं हो पायेंगे.
डेंगू की पहचान और लक्षण
1. डेंगू के लक्षण तीन से 14 दिन बाद दिखते हैं
2. तेज ठंड लगकर बुखार आता है
3. सिर और आंखों में दर्द होता है
4. शरीर और जोड़ों में दर्द में होता है
5. भूख कम लगती है
6. जी मचलाना, उल्टी और दस्त आने लगते हैं
7. चमड़ी के नीचे लाल धब्बे आने शुरू हो जाते हैं
8. गंभीर स्थिति में आंख, नाक से खून आ जाता है
डेंगू होने पर शरीर किस प्रकार प्रभावित होता है
1. मरीज को सिर दर्द रहता है
2. मांसपेशियों में तेज दर्द होने लगता है
3. ब्लड प्रेशर / रक्त चाप घटता-बढ़ता है, जिससे शिथिलता और कमजोरी रहती है
4. फेफड़ों में पानी भर जाता है
5. दस्त, उल्टी और थकान होने लगती हैं
6. शरीर में लाल निशान, धब्बे, चकत्ते और खुजली होने लगती है
7. स्थित गंभीर हो जाये तो मुंह और नाक से खून आने लगता है
8. मूत्र और मल के रास्ते भी खून आने लगता है
क्या कहते हैं जिम्मेदार
अभी तक डेंगू के पांच मरीजों को मिलने की सूचना है. सभी जगहों पर विभाग द्वारा मैलाथियान का फॉगिंग करा दिया गया है. लोगों को डेंगू बीमारी से बचाव के संबंध में जागरूक किया जा रहा है. सदर अस्पताल में डेंगू जांच की व्यवस्था उपलब्ध है.
डॉ एमआर रंजन, मलेरिया पदाधिकारी, सीवान.
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