मुकेश-कालिया की तलाश में काठमांडू पहुंची पुलिस

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 30 Dec 2015 3:07 AM

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सीतामढ़ी : उत्तर बिहार में फिर संतोष झा गिरोह सक्रि य हो चुका है. इलाके में सवा दो साल (851 दिन) बाद गिरोह की सक्रियता बढ़ी है. लेवी मांगने और नहीं देने पर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देना भी शुरू कर दिया है. लेवी वसूलने में खौफ संतोष का, धमकी मुकेश की और अंजाम विकास […]

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सीतामढ़ी : उत्तर बिहार में फिर संतोष झा गिरोह सक्रि य हो चुका है. इलाके में सवा दो साल (851 दिन) बाद गिरोह की सक्रियता बढ़ी है. लेवी मांगने और नहीं देने पर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देना भी शुरू कर दिया है. लेवी वसूलने में खौफ संतोष का, धमकी मुकेश की और अंजाम विकास उर्फ कालिया दे रहा है. पुलिस सूत्र

मुकेश-कालिया की…
ये बात बता रहे हैं.
दस साल से उत्तर बिहार के सीतामढ़ी, शिवहर व मोतिहारी में एकछत्र राज चलानेवाले संतोष गिरोह की नजर अब दरभंगा पर है. संतोष पर हाजीपुर व राजधानी पटना के थाना में भी आपराधिक मामला दर्ज है.
आर्थिक रूप से मजबूत हो चुके संतोष गिरोह का काला कारोबार उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा पड़ोसी देश नेपाल के काठमांडू तक फैला है. इसका खुलासा रांची में गिरफ्तारी के बाद पुलिसिया पूछताछ में हुआ. यह भी सामने आया था कि नेपाल के बड़े व्यवसायियों के यहां संतोष गिरोह का रु पया सूद पर लगा हुआ है.
पुलिस सूत्रों की मानें, तो दरभंगा में इंजीनियर हत्याकांड को अंजाम देने के बाद मुकेश अपने शॉर्प शूटर कालिया के साथ नेपाल में छुप गया है. मुख्यालय की सख्ती के बाद एसटीएफ के साथ नेपाल से सटे सीमावर्ती जिला की पुलिस भी मुकेश व कालिया को पकड़ने के लिए सक्रिय हो गयी है. यही कारण है कि सीमावर्ती जिला की पुलिस टीम मुकेश व कालिया की गिरफ्तारी के लिए नेपाल के काठमांडू व जनकपुर पहुंच चुकी है.
रांची से संतोष व मुकेश हुए थे गिरफ्तार
मोतिहारी पुलिस ने संतोष व मुकेश पाठक को 16 जनवरी 2012 को रांची से गिरफ्तार किया था. उस समय तलाशी के समय दोनों के पास से फर्जी पहचान पत्र व पैन कार्ड भी बरामद हुआ था. मोतिहारी पुलिस की कड़ी मेहनत से गिरफ्तार संतोष झा को ठीक महीना बाद यानी 17 फरवरी 2012 को न्यायालय से जमानत मिल गयी थी.
इस मामले में अनुसंधान कर रहे दारोगा विपिन कुमार को निलंबित किया गया था, जबकि मोतिहारी मुफिस्सल थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष रवि कुमार समेत शिवहर व सीतामढ़ी के दर्जन पुलिस पदाधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की गयी थी. बाद में ताबड़तोड़ आपराधिक घटनाओं को लेकर एक लाख के इनामी अपराधी बन चुके संतोष झा को बिहार एसटीएफ ने 13 फरवरी 2014 को पश्चिम बंगाल के 24 साउथ परगना के विशुनपुर से गिरफ्तार किया था,
तब से वह जेल में बंद है. ठीक इसी तरह पुलिसिया लापरवाही का लाभ मुकेश पाठक को भी मिला. वह गत 15 जुलाई 2015 को शिवहर अस्पताल में सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया. इस मामले में भी पांच सुरक्षाकर्मी को निलंबित किया गया था.
संतोष पर दर्ज आपराधिक मामले
सीतामढ़ी. संतोष झा पर सबसे अधिक शिवहर व सीतामढ़ी में आपराधिक मामले दर्ज हैं. शिवहर के पुरनहिया थाना में कांड संख्या 06/13 (डकैती व बम विस्फोट), 44/03 (विस्फोटक), 93/11 (हत्या), थाना कांड संख्या 28/11 (नक्सली हमला), तरियानी थाना कांड संख्या 107/03 (नक्सली हमला), सीतामढ़ी के रीगा थाना कांड संख्या 167/03(गोलीबारी), बेलसंड थाना कांड संख्या 21/12 (हत्या व रंगदारी), रून्नीसैदपुर थाना कांड संख्या 130/12 (हत्या व रंगदारी), पटना के जक्कनपुर थाना कांड संख्या 194/04 (विस्फोटक के साथ गिरफ्तारी), हाजीपुर थाना कांड संख्या 259/11 के अलावा गोपालगंज व बेतिया समेत अन्य जिलों में भी संतोष आपराधिक मामले दर्ज हैं.
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