बीमार व्यवस्था. सदर अस्तपाल में तीन महीने से नहीं है एआरवी
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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सीतामढ़ी. :राज्य सरकार की लापरवाही के चलते सदर अस्पताल समेत जिले के कई पीएचसी में दवा की कमी के कारण मरीजों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. हालत यह है कि एक ओर जहां सरकार से दवा की आपूर्ति नहीं की जा रही है तो टेंडर लेने वाला संबंधित एजेंसी द्वारा भी […]
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सीतामढ़ी. :राज्य सरकार की लापरवाही के चलते सदर अस्पताल समेत जिले के कई पीएचसी में दवा की कमी के कारण मरीजों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. हालत यह है कि एक ओर जहां सरकार से दवा की आपूर्ति नहीं की जा रही है तो टेंडर लेने वाला संबंधित एजेंसी द्वारा भी कतिपय कारणों से दवा की आपूर्ति नहीं की जा रही है. अस्पतालों में विगत कई महीनों से दवा की कमी की समस्या बनी हुई है. सरकार न पर्याप्त दवा की आपूर्ति करा पर रही है और न जिला स्वास्थ्य विभाग को दवा खरीद के लिए उतना अधिकार दे पा रही है.
यही कारण है कि दवा की कमी की समस्या बरकरार रह रही है और मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है. दवा के चलते मरीजों में हाहाकार मचा हुआ है. विशेष कर वैसे मरीजों को अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है जो आर्थिक रुप से कमजोर हैं.
सदर अस्पताल व पीएचसी में दवा की कमी के चलते मरीजों की संख्या में दिन-प्रतिदिन कमी हो रही है. मरीज निजी चिकित्सकों के यहां इलाज कराने के लिए विवश हो गये हैं.
उधर, बोखड़ा के स्वास्थ्य प्रबंधक अनिल कुमार ने कहा कि, प्रतिदिन 200 से 250 मरीज आते थे. दवा की कमी व अन्य सुविधाओं के अभाव के चलते अब मरीजों की संख्या प्रतिदिन 100 से 150 हो गयी है.
एआरवी की भी कमी आवश्यक दवाओं में एआरवी शामिल हैं, जिसका अभाव बना हुआ है. एआरवी तो करीब तीन माह से जिले के स्वास्थ्य केंद्रों से गायब है. कुत्ता के काटने पर मरीजों को बाजार से एआरवी खरीद कर लेना पड़ता है. इस दवा के लिए मरीजों अस्पताल से बैरंग हाथ लौटना पड़ता है.
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