सबल होंगी महिलाएं, तो बेहतर होगा घर और समाज प्रभात परिचर्चा

Published at :20 Mar 2018 4:05 AM (IST)
विज्ञापन
सबल होंगी महिलाएं, तो बेहतर होगा घर और समाज प्रभात परिचर्चा

बिहार में आधी आबादी को बिना सुरक्षित और अवसर प्रदान किये विकास की बात नहीं की जा सकती. प्रभात खबर की ओर से आयोजित परिचर्चा में समाज के हर तबके की महिलाओं ने इस मुद्दे पर खुल अपनी राय दी. जहां होती है नारियों की पूजा, वहां होता देव वास सीतामढ़ी : घर-परिवार व समाज […]

विज्ञापन

बिहार में आधी आबादी को बिना सुरक्षित और अवसर प्रदान किये विकास की बात नहीं की जा सकती. प्रभात खबर की ओर से आयोजित परिचर्चा में समाज के हर तबके की महिलाओं ने इस मुद्दे पर खुल अपनी राय दी.

जहां होती है नारियों की पूजा, वहां होता देव वास
सीतामढ़ी : घर-परिवार व समाज की बेहतरी के लिए महिलाओं को सबल होना जरूरी है. भारतवर्ष नारी शक्ति के बल पर ही मजबूत हुआ है. नारी को समाज में उचित सम्मान मिलना चाहिए. कोई भी समाज नारी को सम्मान दिये बिना प्रगति नहीं कर सकता है. नारियां हर क्षेत्र में उन्नति कर रही हैं. हमारा बिहार गौरवशाली इतिहास का गवाह रहा है. यह माता सीता की धरती है. चाहे सामाजिक हो अथवा राजनीति, सरकारी सेवा हो अथवा खेलकूद, यहां की महिलाओं ने अपना लोहा मनवाया है. बिहार सरकार ने महिलाओं को विभिन्न क्षेत्रों में 50% आरक्षण दिया है. इससे समाज में उनकी हिस्सेदारी बढ़ी है.
यह सही है कि महिलाएं, खासकर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं शिक्षा के स्तर पर उतनी मजबूत नहीं हुई है, लेकिन इसके प्रति ललक अब देखी जा रही है. बेटियां जनप्रतिनिधियों से लेकर आइएएस, आइपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर व वकील बन रही हैं. ‘बिहार में महिलाओं के उत्थान के लिए क्या किया जाये’ विषय को लेकर प्रभात खबर कार्यालय में सोमवार को जिले की महिलाओं ने चर्चा की. इसमें गृहिणी, कामकाजी महिला, जनप्रतिनिधि व छात्राएं शामिल हुई. पेज 06
विकास के लिए महिलाओं को करें जागरूक
महिलाओं को जागरूक हुए बिना समाज का विकास नहीं हो सकता है. महिलाओं को समान अधिकार तो प्राप्त है, लेकिन बिना एकजुट के हम इसे हासिल नहीं कर सकते हैं. शिक्षित महिलाएं ही समाज की सच्ची सेवक हो सकती है. गांव-घर की महिलाएं आज उतनी सशक्त नहीं हो पायी है. कामिनी झा, जिला पार्षद
घर में ही शोषित हो रहीं मां-बहन व बेटियां
हमारी मां-बहन व बेटियां अपने घर में ही शोषित हो रही हैं. इसके लिए कुछ हद तक महिलाएं ही जिम्मेवार हैं. समाज में बदलाव की जो तसवीर सामने आ रही है, उसमें अब भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है. महज आरक्षण देने मात्र से महिलाओं को अधिकार मिल गया, वह सुरक्षित हो गयीं, ऐसा नहीं है. सीमा गुप्ता, अध्यक्ष, जानकी शक्ति महिला मंच
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन