बिहार : हर क्षेत्र में हो रहा विकास : राधामोहन सिंह

By Prabhat Khabar Digital Desk
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सीतामढ़ी : केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा है कि अभी देश बदला नहीं है, लेकिन बदल रहा है. हर क्षेत्र के विकास में तेजी से काम चल रहा है. कल तक विकास कार्यों के लिए धन की कमी थी. पहले की अपेक्षा अब टैक्स देने वालों की संख्या बढ़ने से सरकार के खजाने में धन भी आना शुरू हो गया है.
श्री सिंह गुरुवार को स्थानीय परिसदन में पत्रकारों से बात कर रहे थे. कहा कि 2010 से 15 तक के लिए राज्य आपदा कोष में राज्यों को 33 हजार करोड़ रुपये आवंटित किये गये थे. एनडीए की सरकार में 2015-16 में अगले पांच वर्षों के लिए उक्त राशि बढ़ाकर 61 हजार कर दी गयी है. प्राकृतिक आपदा में भुगतान के मानक भी बदल गये हैं. पहले प्रभावित व्यक्ति के परिजन को डेढ़ लाख मिलते थे और अब चार लाख.
2022 तक हर खेत को पानी का लक्ष्य
श्री सिंह ने कहा कि पूर्व से देश में सिंचाई की 99 बड़ी परियोजनाएं लंबित थीं. उन्हें पूरा करने के लिए हर बजट में 20 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त का प्रावधान किया गया है. 2020 तक परियोजनाएं पूरी हो जायेंगी. दो वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना शुरू हुई. इसके तहत 2022 तक हर खेत को पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य है. यह पूरा हो जायेगा. एक सवाल के जवाब में बताया कि कृषि विकास दर बढ़ा है. लालू प्रसाद के जेल जाने से भाजपा को लाभ होगा? इस सवाल को वे टाल गये. वहीं विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया पीएम पर ही हमला बोल रहे हैं, के सवाल पर उनका कहना था कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है.
सुंदर होगा भारत का भविष्य
केंद्रीय मंत्री ने फिर दोहराया कि देश में बदलाव आ रहा है. यह पहला देश है कि जहां जीएसटी लागू हुई है. नोटबंदी व जीएसटी से सरकार को धन आने लगा है. टैक्स पेयर बढ़े हैं.
अब किसी भी काम के लिए धन की कमी नहीं होगी. भारत का भविष्य सुंदर होगा. हाल में पीएम के साथ देश के 115 डीएम की बैठक हुई है. जिसमें सीतामढ़ी के डीएम भी शामिल थे. डीएम ने जिले की वस्तुस्थिति को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करते हुए निदान का उपाय भी सुझाया. जो सराहनीय है. डीएम के सुझाव से सरकार को योजना बनाने में मदद मिलेगी, तो संबंधित जिला को भी लाभ मिलेगा.
मार्च 2019 तक हर घर बिजली
कहा, एनडीए की सरकार जब बनी थी, उस दौरान देश के 18 हजार राजस्व गांवों में बिजली नहीं थी. अब यह बात नहीं है. राजस्व गांव में बिजली पहुंच गयी है, पर उसके अधीन सभी गांवों में नहीं. मार्च 2019 तक हर घर बिजली की सुविधा के लिए राज्यों को 16 हजार करोड़ रुपये दिये गये है.
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