पहली ओडीएफ पंचायत का गौरव है प्राप्त

Published at :12 Dec 2017 5:18 AM (IST)
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पहली ओडीएफ पंचायत का गौरव है प्राप्त

कार्यक्रम. मटियार कला पंचायत में डेढ़ वर्ष में विकास पर खर्च हुए 50 लाख रुपये शिक्षक के हाथ में सौंपा मुखिया का दायित्व सीतामढ़ी : सरकार द्वारा ग्रामीण भारत के विकास को लेकर तरह-तरह की योजनाएं केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित है. क्या सरकार के दावे सही है? पंचायतों तक सरकारी योजनाएं धरातल पर […]

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कार्यक्रम. मटियार कला पंचायत में डेढ़ वर्ष में विकास पर खर्च हुए 50 लाख रुपये

शिक्षक के हाथ में सौंपा मुखिया का दायित्व
सीतामढ़ी : सरकार द्वारा ग्रामीण भारत के विकास को लेकर तरह-तरह की योजनाएं केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित है. क्या सरकार के दावे सही है? पंचायतों तक सरकारी योजनाएं धरातल पर उतरी है? विकास के इस दौर में पंचायतों तक विकास की रोशनी कितनी पहुंच है? इन्हीं बातों से रूबरू कराने के लिए प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है.
इस क्रम में सोमवार को जिले के बथनाहा प्रखंड अंतर्गत प्रथम ओडीएफ पंचायत बनने का गौरव प्राप्त कर चुकी मटियार कला पंचायत के वार्ड नंबर-8 में अनुसूचित जाति बैठका पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय मुखिया सह मवि, भुतही से रिटायर शिक्षक धरखन महतो समेत दर्जनों जनप्रतिनिधि व पंचायतवासी शामिल होकर खुलकर अपनी बातें रखी.
बेहतर हुए स्कूलों के शैक्षणिक माहौल
मौके पर मौजूद उप-मुखिया रामनंदन गामी, ग्रामीण प्रमोद कुमार, ग्रामीण व शिक्षक चंद्रमोहन प्रसाद समेत अन्य ग्रामीणों से छन कर जो बातें निकल आयी, उसके मुताबिक मुखिया धरखन भगत रिटायर शिक्षक हैं, इसलिए शिक्षा के प्रति वे काफी गंभीर है. स्कूल का शैक्षणिक माहौल काफी खराब हो चुका था. धरखन महतो के मुखिया बनने के बाद पंचायत में कुल पांच प्राइमरी तथा मिडिल स्कूलों में से चार की स्थिति को ठीक कर लिया गया है. एक स्कूल में शैक्षणिक माहौल अभी भी असंतोषजनक है.
उसे ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है.
पंचायत ने बनाया आइएएस, डॉक्टर-इंजीनीयर: ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार पंचायत की मिट्टी ने दर्जन भर लोगों को बड़े-बड़े ओहदे तक पहुंचाया है. इनमें चिड़ैया गांव निवासी आइएएस ऑफिसर शिवसागर चौधरी जो फिलहाल कोलकाता हेडक्वार्टर में कार्यरत हैं. उनके अलावा तीन डॉक्टर व अन्य कई लोगों ने इंजिनीयर बन कर पंचायत का नाम रोशन किया है.
सोनबरसा प्रखंड में संचालित है गांव का बैंक: ग्रामीणों ने बताया कि दशकों से गांव में इलाहाबाद बैंक संचालित था, जिससे पंचायत व आसपास के गांव के लोगों को काफी लाभ मिलता था. बाद में कतिपय कारणों से कुछ साल पूर्व बैंक को सोनबरसा प्रखंड के भुतही बाजार पर ले जाया गया. तब से ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है, इसलिए बैंक को गांव में पुन: लाने की जरूरत है.
करीब 50 लाख का हुआ है विकास
ग्रामीण सह मुखिया प्रतिनिधि प्रमोद कुमार ने बताया कि पंचायत में पिछले डेढ़ वर्षों में विकास से संबंधित कई योजनाओं पर करीब 50 लाख रुपये खर्च किये गये हैं. लेकिन अभी काफी कुछ बांकी है. पंचायत व पंचायत से बाहर निकलने वाली कई सड़कें पक्की है तो कुछ सड़कें आज भी जर्जर है. पंचायत में एक एपीएचसी है. छह-सात वर्ष पूर्व भवन का निर्माण भी कराया गया था, लेकिन ज्यादातर बंद ही रहता है. एक एएनएम बहाल है जो कभी-कभी दिखाई देती हैं.
पंचायत में हाइस्कूल की जरूरत
पंचायत में हाइस्कूल की जरूरत है, क्योंकि गांव के छात्रों को आज भी हाइस्कूल की पढ़ाई करने के लिए कम से कम चार किमी की दूरी तय कर सोनबरसा प्रखंड के भुतही हाइस्कूल जाना पड़ता है. बरसात के दिनों में छात्रों को स्कूल जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. स्कूल जाने के दौरान गांव के बच्चे की डूबकर मौत भी हो चुकी है.
सभी गांव-टोलों में पहुंची बिजली
उप-मुखिया रामनंदन गामी ने बताया कि पंचायत में सभी गांवों व टोलों में बिजली पहुंचा दी गयी है, लेकिन अभी आधे लोगों को बिजली नहीं मिल पा रही है, क्योंकि जिस टोला में 25 पोल की जरूरत है, वहां अबतक 10 पोल ही गाड़े गये हैं. विद्युत विभाग के पदाधिकारियों व कर्मचारी लापरवाही के साथ काम कर रही है.
पंचायत में गांव : मटियार कला, मटियार खुर्द, चिड़ैया, फुलपरासी
जनसंख्या : करीब 11500 (पिछड़ा-अतिपछड़ा वर्ग-करीब 6900, अनुसूचित जाति/जनजाति-करीब 4300, सवर्ण-करीब100 व मुस्लिम-करीब 240)
वोटरों की संख्या : करीब 6400
वार्डों की संख्या : 13
मिडिल स्कूल : 2
प्राइमरी स्कूल : 3
उप-स्वास्थ्य केंद्र : 1
बोले मुखिया
स्कूल से रिटायर होने के बाद यही सोंचकर मुखिया का चुनाव लड़ने का फैसला किया था कि मुखिया बनकर पंचायत को स्वच्छ, स्वस्थ्य व शिक्षित बनाना है. उन्होंने सबसे पहले स्वच्छता को ही चुनौती के रूप में लिया. सात-आठ माह का वक्त लगा, लेकिन प्रखंड के 21 पंचायतों में सबसे पहले अपने पंचायत को ओडीएफ घोषित कराने में कामयाबी मिली. इसमें पंचायत के एक-एक नागरिकों का सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ. अब शिक्षा व स्वास्थ्य समेत अन्य मूलभूत सेवाओं को पंचायत में उतारना उनका लक्ष्य है.
मांगें : गांव से मधुबनी बाजार तक सड़क की नितांत जरूरत, गांव व टोलों में विद्युत पोल व तार की जरूरत, मटियार बाजार के समीप मंदिर स्थित पोखर पर घाट का निर्माण करने की जरूरत, गांव से भुतही जानेवाली सड़क को पक्की करने की जरूरत, सामुदायिक भवन व 90 प्रतिशत हिस्सों में नाले की जरूरत.
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