ePaper

मजदूरी अिधनियम की दी जानकारी

Updated at : 29 Jan 2017 2:58 AM (IST)
विज्ञापन
मजदूरी अिधनियम की दी जानकारी

कार्यक्रम. श्रम अिधकार दिवस के अवसर पर प्रशिक्षण िशविर आयोजित शिवहर : स्थानीय नबाव उच्च विद्यालय परिसर में श्रम संसाधन विभाग के तत्वावधान में श्रम अधिकार दिवस के अवसर पर एक दिवसीय ग्रामीण प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. श्रम अधीक्षक विनोद कुमार व श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी ईश्वर नाथ सिंह ने न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948 […]

विज्ञापन

कार्यक्रम. श्रम अिधकार दिवस के अवसर पर प्रशिक्षण िशविर आयोजित

शिवहर : स्थानीय नबाव उच्च विद्यालय परिसर में श्रम संसाधन विभाग के तत्वावधान में श्रम अधिकार दिवस के अवसर पर एक दिवसीय ग्रामीण प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया.
श्रम अधीक्षक विनोद कुमार व श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी ईश्वर नाथ सिंह ने न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948 के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि अधिसूचित नियोजन जैसे बीड़ी मजदूर, निर्माण कार्य में लगे मजदूर, ईंट भट्ठा, होटल, सिनेमा, दुकान व अन्य प्रतिष्ठान के लिए न्यूनमत मजदूरी का निर्धारण व उसे दिलाने की व्यवस्था करना इस अधिनियम का उद्देश्य है. इसके अंर्तगत दंडनीय प्रावधान की चर्चा करते हुए कहा कि निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान करने पर एक वर्ष तक के कारावास व 3000 रुपये तक अर्थदंड की सजा दी जा सकती है.
अधिनियम के दंडनीय धारा 22 ए में इसका प्रावधान है. कहा कि 93 प्रतिशत असंगठित क्षेत्र के मजदूर काम करते है. वही बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना 2011 के बारे में जानकारी देते हुए प्रशिक्षकों ने बताया कि 88 नियोजनों में काम करने वाला शिल्पकार कामगार योजना का लाभ उठा सकता है.
इस योजना के तहत स्वाभाविक मृत्यु पर वैध आश्रितों को 30 हजार रुपये, दुर्घटना के फलस्वरूप मृत्यु की स्थिति में वैध आश्रित को एक लाख रुपये, स्थायी अपंगता पर 75 हजार, आंशिक अपंगता पर 37 हजार अनुदान देय है.
वहीं दुर्घटना के फलस्वरूप चोट के लिए कम से कम पांच दिन अस्पताल में भर्ती रहने पर पांच हजार रुपये देय है. इस दौरान बाल श्रमिक प्रतिनिषेध एवं विनियमन अधिनियम 1986 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया गया कि बाल श्रम नियोजन एक सामाजिक अपराध है. जिस पर नियंत्रण आवश्यक है. वही खतरनाक उद्योगों/ कारखानों में बाल श्रम नियोजन को पूर्णत: प्रतिबंधित कर दिया गया है. बताया गया कि इसके अधिनियमों के प्रावधानों के उल्लंघन धारा 14 के तहत दंडनीय धारा 3 के उल्लंघन किये जाने पर कम से कम तीन माह अधिकतम एक वर्ष कारावास, कम से कम 10 हजार अधिकतम् 20 हजार सजा का प्रावधान है. इस दौरान मजदूरों के निबंधन पर भी विस्तार से जानकारी दी गयी. बताया गया कि मजदूरों का ऑनलाइन निबंधन कराया जा सकता है. मौके पर जिला बाल कल्याण समिति सदस्य जितेंद्र कुमार,सवेरा स्वयंसेवी संगठन के सचिव मोहन कुमार, चाइल्ड लाइन के मनीष कुमार, अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार, अदिथि सीतामढ़ी के रंजीत कुमार, हैदर अली रंगरेज समेत अन्य कई वक्ताओं ने मजदूरों की समस्या व उसके समाधान के उपाय पर विस्तार से विचार व्यक्त किया व अधिनियमों की जानकारी दी.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन