सारण: सरप्लस शिक्षकों के जबरिया स्थानांतरण का विरोध करेगा शिक्षक संघ, उदयशंकर गुड्डू ने दी आंदोलन की चेतावनी

जलालपुर में राजकीयकृत प्राथमिक शिक्षक संघ ने सरप्लस शिक्षकों के नाम पर चल रही रेशनलाइजेशन प्रक्रिया का विरोध किया. प्रदेश अध्यक्ष उदयशंकर गुड्डू ने जबरिया स्थानांतरण पर आंदोलन की चेतावनी दी.

सारण: विद्यालयों में सरप्लस शिक्षकों के नाम पर चल रही रेशनलाइजेशन प्रक्रिया को लेकर बिहार राजकीयकृत प्राथमिक शिक्षक संघ ने कड़ा विरोध जताया है. संघ के प्रदेश अध्यक्ष उदयशंकर गुड्डू ने आरोप लगाया कि रेशनलाइजेशन की प्रक्रिया के नाम पर राज्य के विभिन्न कोटि के शिक्षकों को मनमाने ढंग से विद्यालयों से हटाने की तैयारी की जा रही है. उन्होंने इसे शिक्षकों के हितों के खिलाफ बताते हुए सरकार से प्रक्रिया पर पुनर्विचार करने की मांग की है.

एक विषय के एक शिक्षक होने के बावजूद सरप्लस करने का आरोप

शिक्षक नेता उदयशंकर गुड्डू ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि जिले और राज्य के कई विद्यालयों में किसी विषय के एक ही शिक्षक या अध्यापक कार्यरत हैं. इसके बावजूद ऐसे शिक्षकों को भी सरप्लस घोषित कर दिया गया है. उन्होंने इसे विभाग की दमनात्मक कार्रवाई बताया.

उन्होंने कहा कि शिक्षकों की वास्तविक स्थिति और विद्यालयों की जरूरत का आकलन किए बिना सरप्लस घोषित करना उचित नहीं है. इससे विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है.

बिना सहमति जबरिया स्थानांतरण हुआ तो आंदोलन

संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यदि सरप्लस शिक्षक के नाम पर किसी शिक्षक की सहमति के बिना जबरिया स्थानांतरण किया जाता है, तो आने वाले दिनों में शिक्षक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे. उन्होंने कहा कि शिक्षकों का मनमाने ढंग से स्थानांतरण होने से न केवल शिक्षक प्रभावित होंगे, बल्कि इसका सीधा असर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर भी पड़ेगा.

उन्होंने राज्यभर के शिक्षकों से अपील की कि जिन शिक्षकों को गलत तरीके से सरप्लस घोषित किया गया है, वे शिक्षा विभाग के समक्ष लिखित आवेदन देकर अपनी आपत्ति दर्ज कराएं. उन्होंने कहा कि विभाग को वास्तविक स्थिति से अवगत कराने पर गलत तरीके से रेशनलाइजेशन में शामिल शिक्षकों को राहत मिल सकती है.

शिक्षक नेताओं ने दी आंदोलन की चेतावनी

इस अवसर पर सारण जिला राजकीयकृत प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. राजेश यादव, प्रमंडलीय अध्यक्ष उमेश प्रसाद यादव तथा संघ के प्रधान सचिव संजय सिंह चुन्नू ने भी जबरिया स्थानांतरण नीति का विरोध किया.

शिक्षक नेताओं ने कहा कि यदि सरकार सरप्लस शिक्षकों के नाम पर शिक्षकों का शोषण और दोहन करेगी, तो जिले के शिक्षक संगठन के आह्वान पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे. इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी.

संघ की ओर से कहा गया कि रेशनलाइजेशन प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जानी चाहिए और शिक्षकों को सरप्लस घोषित करने से पहले विद्यालयवार छात्र संख्या, विषयवार शिक्षक उपलब्धता और वास्तविक आवश्यकता का निष्पक्ष आकलन किया जाना चाहिए.

यह जानकारी राजकीयकृत प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला सचिव सह मीडिया प्रभारी अमित प्रकाश ने दी.

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By अमित कुमार

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