गंगा के जल स्तर में तीसरी बार हुई वृद्धि

Published at :24 Aug 2013 5:33 AM (IST)
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गंगा के जल स्तर में तीसरी बार हुई वृद्धि

छपरा (सारण): टिहरी गढ़वाल में बादल फटने के कारण गंगा नदी के जल स्तर में शुक्रवार को फिर वृद्धि होने लगी. यह तीसरा मौका है, जब गंगा नदी के जल स्तर में वृद्धि शुरू हुई है. इसके पहले दो बार गंगा नदी के जल स्तर में वृद्धि शुरू हुई थी. हालांकि, तीन-चार दिनों से गंगा […]

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छपरा (सारण): टिहरी गढ़वाल में बादल फटने के कारण गंगा नदी के जल स्तर में शुक्रवार को फिर वृद्धि होने लगी. यह तीसरा मौका है, जब गंगा नदी के जल स्तर में वृद्धि शुरू हुई है. इसके पहले दो बार गंगा नदी के जल स्तर में वृद्धि शुरू हुई थी. हालांकि, तीन-चार दिनों से गंगा का जल स्तर घट रहा था. अब उसमें फिर वृद्धि होने लगी है. सोन का जल स्तर भी अभी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. सरयू और गंडक खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं. जिले में अब भी बाढ़ का संकट बरकरार है.

नहीं बंटी राहत सामग्री

जिले के कई प्रखंडों के बाढ़पीडि़तों के बीच राहत सामग्री का वितरण प्रशासन की ओर से अब तक नहीं किया गया है. खास कर दूसरे चरण में बाढ़ से ग्रसित होनेवाले गड़खा, दिघवारा, दरियापुर, सोनपुर तथा मांझी प्रखंडों की हजारों की आबादी राहत से वंचित है. बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में प्रशासन ने नाव की व्यवस्था तो की, लेकिन गेहूं-चावल, चिउरा-मीठा आदि का वितरण नहीं किया गया. इस वजह से बाढ़पीडि़तों में असंतोष है. बाढ़पीडि़त पशुपालकों के बीच पशु चारे का भी वितरण अब तक नहीं किया गया है. पशुओं के उपचार की भी व्यवस्था पूरी तरह नगण्य है. हैलोजन टैबलेट, ब्लीचिंग पाउडर तथा जीवन रक्षक दवाओं के दर्शन बाढ़पीडि़तों को हुए ही नहीं हैं.

नहीं मिला नकद

सरकार द्वारा राशि उपलब्ध नहीं कराये जाने के कारण बाढ़पीडि़तों के बीच अब तक नकद का वितरण नहीं किया जा सका है. राशि के अभाव में बाढ़पीडि़तों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है. बताते चलें कि एक सप्ताह पहले ही डीएम ने बाढ़पीडि़तों के बीच वितरण के लिए राशि का आवंटन सरकार से मांगा, लेकिन अबतक राशि नहीं मिली है. पहले से मात्र 20 लाख रुपये ही उपलब्ध हैं, जबकि यहां बाढ़पीडि़तों के बीच नकद वितरण के लिए करीब एक करोड़, 56 लाख रुपये की जरूरत है.

एनएच 19 पर आवागमन शुरू

गंगा नदी के बाढ़ का पानी एनएच 19 से उतरने के साथ ही वाहनों का आवागमन शुरू हो गया. सड़क से बाढ़ का पानी चार दिन पहले ही उतर गया था, लेकिन मनइया पुल के ध्वस्त होने से आवागमन ठप रहा. पुल की बगल में डायवर्सन का निर्माण कराया गया है, जिसके सहारे वाहनों का आवागमन शुरू हो सका. वाहनों का आवागमन शुरू होने से लोगों ने राहत की सांस ली है. हालांकि अब भी एनएच 19 पर करीब एक फुट पानी का बहाव हो रहा है. डोरीगंज थाना क्षेत्र के चकिया दियारे में बाढ़ के दौरान डूबने से मरे भीम राय के परिजनों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है. इसी तरह जिले के अन्य स्थानों पर बाढ़ के पानी में डूब कर मरनेवालों को मुआवजे की राशि नहीं मिली है. सरकार द्वारा मृतक के परिजनों को तत्काल मुआवजा उपलब्ध कराने का निर्देश जारी है.

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