हैसियत देख शमीम तय करता था सुपारी की राशि

Published at :26 Apr 2017 1:07 AM (IST)
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हैसियत देख शमीम तय करता था सुपारी की राशि

खुलासा. हत्या के लिए लेता था पांच हजार से पांच लाख रुपये किसी भी तरह का अपराध करने में गुरेज नहीं है संतोष गिरोह के अपराधियों को संतोष के जेल में रहने व मुकेश पाठक की गिरफ्तारी के बाद संभाल रहा था गिरोह की कमान समस्तीपुर : सीतामढ़ी का अपराधी सरगना संतोष झा गिरोह के […]

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खुलासा. हत्या के लिए लेता था पांच हजार से पांच लाख रुपये

किसी भी तरह का अपराध करने में गुरेज नहीं है संतोष गिरोह के अपराधियों को
संतोष के जेल में रहने व मुकेश पाठक की गिरफ्तारी के बाद संभाल रहा था गिरोह की कमान
समस्तीपुर : सीतामढ़ी का अपराधी सरगना संतोष झा गिरोह के अपराधी वैसे तो किसी भी तरह का अपराध करने से गुरेज नहीं करते लेकिन उसका शार्गिद मो. शमीम सुपारी लेकर हत्या करने में माहिर है. वह आदमी की हैसियत देख कर हत्या की कीमत तय करता था. वह एक हत्या के लिए पांच हजार से पांच लाख रुपये तक लेता था. संतोष झा व दोहरे इंजीनियर हत्याकांड में आरोपित मुकेश पाठक के जेल जाने के बाद शमीम संतोष गिरोह का संचालन कर रहा था. उसने उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों के चुनिन्दे अपराधियों को गिरोह में शामिल कर हत्या, लूट डकैती, रंगदारी आदि जैसे संगीन वारदातों को अंजाम दे रहा था.
शमीम पहली बार सीतामढ़ी के बाजपट्टी थाना क्षेत्र से चोरी के मामले में जेल गया था. जहां संतोष झा से उसकी मुलाकात हुई. चोरी की घटना में बेल होने के बाद वह ताबड़तोड़ अपराधिक घटनाओं को अंजाम देने लगा. इस अपराधी पर सिर्फ सीतामढ़ी के बेलसंड, पुपरी, नानपुर व बाजपट्टी थाने में हत्या, लूट, रंगदारी, अपहरण व आर्म्स एक्ट के दर्जनभर से अधिक मामले दर्ज हैं.
वर्ष 2012 में शमीम ने बेलसंड थाना क्षेत्र में रंगदारी नहीं देने पर एक इंजीनियर की हत्या कर दी थी. इस घटना के बाद वह चर्चा में आया था. इसके अलावा यह अपराधी दरभंगा, मुजफ्फरपुर व समस्तीपुर के कई कांडों में शामिल था.
बाइक चोरी में जेल गया, तो संतोष झा के संपर्क में आया शमीम
दरभंगा के एसएसपी ने शमीम
व पवन यादव से की पूछताछ
सीतामढ़ी के शमीम व दरभंगा कमतौल के ब्रह्मपुर के कामेश्वर यादव के पुत्र पवन यादव की गिरफ्तारी की सूचना पर दरभंगा एसएसपी सतवीर सिंह ने पुलिस अधीक्षक कक्ष में दोनों अपराधियों से पूछताछ की. सूत्रों ने बताया कि उक्त दोनों अपराधियों की तलाश दरभंगा के विभिन्न थानों में दर्ज डकैती, लूट, रंगदारी व हत्या के मामले में थी. माना जा रहा है कि दोनों अपराधियों के बयान से दरभंगा के कई कांडों का खुलासा हो गया है.
मधुबनी स्वर्ण व्यवसायी लूट
कांड का भी हुआ खुलासा
एसपी ने बताया कि शमीम ने पवन यादव आदि के साथ मिलकर गत 21 फरवरी को मधुबनी में एक स्वर्ण व्यवसायी से करीब 13 लाख रुपये का सोना व 14 हजार रुपये नकद लूट लिया था. इस मामले में मधुबनी थाने में मामला दर्ज है. गिरफ्तार अपराधियों ने मधुबनी पुलिस के पदाधिकारियों ने घंटों पूछताछ की.माना जा रहा है कि गिरफ्तार अपराधियों को संबंधित जिले की पुलिस रिमांड पर ले सकती है.
राजद नेता कुंदन यादव की हत्या में भी शामिल था शमीम
संवाददाता सम्मेलन के दौरान एसपी ने बताया कि शमीम समस्तीपुर के राजद नेता कुंदन यादव की हत्या में पवन यादव के साथ शामिल था. गौरतलब है कि कुंदन यादव की हत्या वर्ष 2011 में मथुरापुर घाट के पास कार एजेंसी पर धावा बोलकर कर दी गई थी. उस घटना के बाद अगले दिन पवन यादव ने दरभंगा में सरेंडर कर दिया था.पवन पुलिस के समक्ष बताया कि वह कुंदन की हत्या की नीयत से नहीं कार एजेंसी से रुपये लूटने के लिए आया था. घटना के दौरान अपराधियों ने दहशत फैलाने के लिए बम विस्फोट भी किया था. जाते जाते अपराधियों ने कुंदन के निजी सुरक्षा गार्ड की रायफल भी लूट ली थी.
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