रेलवे पुल नहीं बना, तो अगले सप्ताह से करेंगे अनशन

Published at :03 Aug 2016 5:48 AM (IST)
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रेलवे पुल नहीं बना, तो अगले सप्ताह से करेंगे अनशन

समस्तीपुर : मालगोदाम चौक से माधुरी चौक सड़क सह पुल निर्माण संघर्ष समिति की बैठक मंगलवार को पूर्व प्राचार्य शंकर यादव की अध्यक्षता में हुई. बैठक में टेंडर हो जाने के बावजूद पुल सह सड़क का निर्माण शुरू नहीं किये जाने पर रेलवे प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त किया गया. साथ ही सर्वसम्मति से निर्णय […]

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समस्तीपुर : मालगोदाम चौक से माधुरी चौक सड़क सह पुल निर्माण संघर्ष समिति की बैठक मंगलवार को पूर्व प्राचार्य शंकर यादव की अध्यक्षता में हुई. बैठक में टेंडर हो जाने के बावजूद पुल सह सड़क का निर्माण शुरू नहीं किये जाने पर रेलवे प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त किया गया. साथ ही सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अगर सात अगस्त तक रेलवे प्रशासन पुल का निर्माण शुरू नहीं करता है, तो आठ अगस्त से संघर्ष समिति के सदस्य आमरण अनशन करेंगे. इससे पूर्व कार्यक्रम की सफलता के लिए जनजागरण अभियान व नुक्कड़ सभा का भी आयोजन किया जायेगा.

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के आलावा शिक्षा विदों, किसानों ,छात्रों व वकीलों को भी आमंत्रित किया जायेगा. बता दें कि करीब सात साल पूर्व उक्त पुल को अचानक जर्जर घोषित कर आमलोगों के लिए बंद कर दिया गया. इससे बहादुरपुर और मगरदही के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बैठक में जिला परिषद सदस्य भरत राय के अलावा संयोजक शत्रुघ्न प्रसाद पंजी,राकेश कुमार ठाकुर, उमेश कुमार, दिनेश कुमार यादव, डोमन राय, नागेश्वर राय, रामसागर पासवान,रघुनाथ राय, दिनेश कुमार शर्मा,जगदीश प्रसाद यादव आदि उपस्थित थे.

सड़क सह पुल निर्माण संघर्ष समिति ने दी चेतावनी
टेंडर होने के बावजूद पुल का निर्माण शुरू नहीं करने का रेलवे प्रशासन पर लगाया आरोप
टेंडर हो चुका है पास
सड़क पर धान रोप जताया विराेध
मूर्ति निर्माण का मार्ग प्रशस्त
स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल
विवादित जमीन की अंचलाधिकारी ने करायी नापी
विवादित जमीन िनकली सरकारी
मोरवा : हलई ओपी के चकलालशाही चौक पर 25 जुलाई को महिलाओं द्वारा राधा-कृष्ण की मूर्ति तोड़े जाने के बाद उपजे विवाद का हल निकलते दिखाई दे रहा है. अंचलाधिकारी श्यामनंदन रजक द्वारा विवादित जमीन की नापी के बाद मूर्ति निर्माण का मार्ग प्रशस्त होता दिखाई दे रहा है. मंगलवार को सरकारी अमीन द्वारा विवादित जमीन की नापी करायी गयी. नापी के बाद जो तथ्य सामने आये उसके मुताबिक खेसरा संख्या 89 जो कि सरकारी भूमि है. इस पर हनुमान जी का पूरा और शंकर जी का आधा मंदिर स्थापित है. खेसरा संख्या 86 की जमीन बिहार सरकार की बतायी जाती है. इस पर वादी पक्ष का कॉमर्शियल दुकान बनी है. खेसरा संख्या 198 पूरी तरह सरकारी है. इस पर एनएच 103 बना है.
जमीन की नापी के बाद जो परिदृश्य सामने आये हैं, उससे लोगों में हर्ष व्याप्त है. लोगों को अब लगने लगा है कि अब मंदिर और मूर्ति का निर्माण आसानी से होगा. जमीन नापी के बाद लोगों ने प्रशासन की मदद से जगह-जगह पिलर लगा दिया है. इस नापी के मौके पर इंद्रवारा के पंसस धर्मेंद्र कुमार आर्य, विनोद कुमार, फूलचन सहनी, इंद्रवारा के पूर्व मुखिया रामलगन सहनी, विपत सहनी, प्रदीप कुमार, सुधीर कुमार, शिवांश कोचिंग सेंटर के निदेशक तथा राधाकृष्ण मूर्ति के निर्माता गणेश प्रसाद आर्य, पप्पू राय, गुड्डू राय, प्रमोद गुप्ता, अरुण ठाकुर निराला समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे.
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