रामदुलारी स्मृति पर्व में जुटे लब्ध साहित्यकार
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :17 Dec 2015 2:05 AM (IST)
विज्ञापन

शाहपुर पटोरी : सिरदिलपुर सुपौल में बुधवार को आयोजित रामदुलारी पुण्य स्मृति पर्व के अवसर पर एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया. जिसमें प्रदेश के ख्यातिलब्ध व प्रतिष्ठित साहित्यकारों एवं कवियों ने हिस्सा लिया. इस कार्यक्रम का उद्घाटन डा़ रामलखन राय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. वरिष्ठ साहित्यकार डा़ भगवान सिंह भास्कर की अध्यक्षता […]
विज्ञापन
शाहपुर पटोरी : सिरदिलपुर सुपौल में बुधवार को आयोजित रामदुलारी पुण्य स्मृति पर्व के अवसर पर एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया. जिसमें प्रदेश के ख्यातिलब्ध व प्रतिष्ठित साहित्यकारों एवं कवियों ने हिस्सा लिया. इस कार्यक्रम का उद्घाटन डा़ रामलखन राय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. वरिष्ठ साहित्यकार डा़ भगवान सिंह भास्कर की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डा़ ब्रह्मदेव कार्यी मौजूद थे.
ईं अवधेश कुमार सिंह एवं सीताराम शेरपुरी के संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में चांद मुसाफिर, डा़ शैलेन्द्र त्यागी, हरिनारायण सिंह हरि, डा़ रामलखन राय, उमेश कवि, दिनेश प्रसाद राय, डा़ मनोहर प्रसाद सिंह, अमिय काश्यप, रामाकांत चौधरी, परमानंद राय, प्रो़ बिन्देश्वर दास, रामप्रसाद साहेब, रंजीत पाण्डेय, शत्रुघ्न पांडेय, रवीन्द्र कुमार सिंह, डा़ संजीव कुमार शर्मा, मुख्तार महतो, अरूण, महेश राय, सिंधेश्वर सिंह, जयप्रकाश सिंह, भिखारी सिंह, विमलेन्दु कुमार विमल, विकास कुमार विनीत, जयंती पुष्पम, श्वेता भारती भी मौजूद थी.
इस अवसर पर दुखित महतो की पुस्तक ‘काव्यांजलि’ तथा डा़ रामलखन राय की पुस्तक ‘भंग हुए संवाद’ का लोकार्पण किया गया. आयोजित कवि सम्मेलन में सीताराम शेरपुरी की रचना- ‘दूध की नदियां कभी बहती थी जहां’, शीवेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा रचित- ‘अनुभव के खजाने की चाभी है बुजुर्ग के पास’, रीतलालभाई की रचना- ‘शिक्षक शिक्षा का आधार’, अरूण कुमार सिंह की रचना- ‘पूज्य चाची को शत्-शत् नमन’, डा़ प्रेम कुमार पाण्डेय की रचना- ‘प्रेरणादायी भूमिका अदाकारा’, शरदेन्दु शरद की रचना- ‘सिहर गया भीतर तक’, मुरारी प्रसार शर्मा की रचना-
‘चढ़ती नदी की धार से, बढ़ती गयी, बहती गयी यह जिन्दगी’, आचार्य लक्ष्मीदास की रचना- ‘जब धरती हंसी’, समीर की रचना- ‘इस कदर फैला है नफरत का धुंआ’, प्रो़ अर्जुन प्रभात की रचना- ‘बेकार है ये मंदिर, बेकार है ये मस्जिद’ की जमकर सराहना की गयी. वहीं ज्वाला सांध्य पुष्प की रचना- ‘यह मन है कि इसे’, दुखित महतो की रचना- ‘निशाने पर है देश संभल जाओ’, रामजी साह की रचना- ‘भागम-भाग तो जीवनभर है’ तथा ज्ञानशंकर शर्मा की रचना- ‘गीत गाओ प्यार का’ जमकर श्रोताओं की वाह-वाही लूटी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










