बिना पढ़े पास हो रहे बच्चे

Published at :15 Jun 2017 9:03 AM (IST)
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बिना पढ़े पास हो रहे बच्चे

सासाराम शहर : जिले के पहला कॉलेज शांति प्रसाद जैन महाविद्यालय को भी शिक्षकों की कमी से जूझना पड़ रहा है.कॉलेज में कई वर्षों से गणित व बॉटनी विषय के शिक्षक नहीं है. फिर भी हर वर्ष सैकड़ों बच्चों का नामांकन भी होता है और वे परीक्षा में उत्तीर्ण भी हो जाते हैं. वहीं, अधिकतर […]

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सासाराम शहर : जिले के पहला कॉलेज शांति प्रसाद जैन महाविद्यालय को भी शिक्षकों की कमी से जूझना पड़ रहा है.कॉलेज में कई वर्षों से गणित व बॉटनी विषय के शिक्षक नहीं है. फिर भी हर वर्ष सैकड़ों बच्चों का नामांकन भी होता है और वे परीक्षा में उत्तीर्ण भी हो जाते हैं. वहीं, अधिकतर विषयों की पढ़ाई मात्र एक शिक्षक के भरोसे चल रही है. एक की तबियत बिगड़ती है तो सैकड़ों छात्र-छात्राओं की पढ़ाई ठप हो जाती है.

राज्य सरकार व विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा लगातार फरमान सुनाये जाते हैं कि छात्रों के नियमित कॉलेज नहीं आने पर उनको परीक्षा फॉर्म नहीं भरने दिया जायेगा. लेकिन, छात्र जब कॉलेज में पढ़ने के लिए आते हैं, तो शिक्षक की उपलब्धता नहीं होने के कारण उन्हें बिना पढ़ाई किये ही वापस लौटना पड़ता है. लेकिन, इस ओर सरकार व विश्वविद्यालय प्रबंधन का ध्यान कभी नहीं जाता है. शिक्षकों के अभाव के कारण कॉलेजों की शैक्षणिक स्थिति खराब होती जा रही है.

लेकिन, इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है. सरकार द्वारा बार-बार आश्वासन दिया जाता है कि जल्द ही शिक्षकों का पदस्थापन कराया जायेगा. लेकिन, कुछ दिन बाद सब हवा हवाई हो जाता है. कॉलेज में शिक्षकों के नहीं रहने के कारण मजबूरन छात्रों को निजी कोचिंग संस्थानों का सहारा लेना पड़ता है. जहां पढ़ाई के नाम पर छात्रों का सिर्फ आर्थिक शोषण किया जाता है.

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