Bihar Flood Alert: नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में बुधवार को आयी भीषण फ्लैश फ्लड के बाद बिहार में भी सतर्कता बढ़ा दी गयी है. नेपाल से आने वाले पानी के कारण गंडक नदी के जलस्तर और प्रवाह में तेजी से वृद्धि की आशंका है. बिहार सरकार ने सीमावर्ती और गंडक नदी से जुड़े जिलों को अलर्ट पर रखा है.
रात 8:30 से 9 बजे तक बिहार पहुंच सकता है पानी
उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने कहा कि रात 8:30 से 9 बजे तक नेपाल का पानी बिहार में प्रवेश करने की आशंका है. उन्होंने कहा कि अभी पानी का वेग कम हुआ है और वाल्मीकिनगर पहुंचते-पहुंचते इसके और कम होने की संभावना है.
विजय चौधरी ने कहा कि “अभी जो स्थिति है, उससे घबराने की जरूरत नहीं है. हमारा प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और संभावित स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं.”
उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी भी प्रकार की अनहोनी की सूचना नहीं है. हालांकि मौसम और नदी की स्थिति को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है.
ढाई लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है पानी
सरकार के प्रारंभिक आकलन के अनुसार वाल्मीकिनगर गंडक बराज से करीब 2.5 लाख क्यूसेक तक पानी गुजर सकता है. बुधवार शाम बराज पर पानी का डिस्चार्ज करीब 80 हजार क्यूसेक बताया गया था.
बिहार सरकार ने पानी के संभावित दबाव को देखते हुए वाल्मीकिनगर गंडक बराज के सभी 36 गेट खोल दिए हैं, ताकि पानी का प्रवाह सुचारू रूप से हो सके.
नेपाल-तिब्बत सीमा पर फ्लैश फ्लड से बिगड़ी स्थिति
नेपाल के तिब्बत सीमा से सटे क्षेत्र में बुधवार को अचानक आयी फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचायी. भोटे कोशी नदी में अचानक पानी बढ़ने के बाद सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है. इस घटना के बाद नेपाल के साथ-साथ भारत के बिहार और उत्तर प्रदेश में भी बाढ़ को लेकर सतर्कता बढ़ायी गयी है.
नेपाल से आने वाला पानी त्रिशूली नदी के रास्ते देवघाट और उसके बाद नारायणी नदी में पहुंचता है. भारत में नारायणी नदी को गंडक के नाम से जाना जाता है. इसी वजह से नेपाल में आयी बाढ़ का असर बिहार के गंडक नदी क्षेत्र में पड़ने की आशंका है.
अगले कुछ घंटे महत्वपूर्ण, प्रशासन अलर्ट
विजय चौधरी ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. उन्होंने कहा कि मौसम का कोई भरोसा नहीं है और स्थिति कभी भी बदल सकती है. इसलिए पहले से ही अलर्ट जारी किया गया है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.
वहीं बिहार के आधिकारिक बाढ़ पूर्वानुमान में 26 अगस्त को गंडक समेत कई नदियों के कुछ स्थानों पर जलस्तर चेतावनी या खतरे के स्तर से ऊपर दर्ज किया गया है.
“घबराने की जरूरत नहीं, प्रशासन पूरी तरह तैयार”
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. पानी के वेग और नदी के जलस्तर की निगरानी की जा रही है. उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की.
उन्होंने कहा कि “अभी किसी भी प्रकार की अनहोनी की सूचना नहीं है. प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं.”
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