भारतीय रेलवे का नया सुरक्षा प्लान, अब रेल हादसों पर लगेगी लगाम, ड्रोन से होगी निगरानी, फॉरेंसिक जांच में दक्ष होंगे रेलकर्मी

भारतीय रेलवे ने रेल हादसों की जांच को अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब घटनास्थल की ड्रोन से रिकॉर्डिंग की जाएगी और कर्मचारियों को फॉरेंसिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

पटना से आनंद तिवारी की रिपोर्ट

पटना. देश में रेल हादसों की जांच को अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी बनाने की दिशा में रेलवे बड़ा कदम उठाने जा रहा है. अब किसी भी रेल दुर्घटना के बाद घटनास्थल की ड्रोन से रिकॉर्डिंग की जाएगी. साथ ही एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (एआरटी) के कर्मचारियों को फॉरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे दुर्घटना स्थल से साक्ष्य सुरक्षित रखने और तकनीकी जांच में दक्ष बन सकें.

सीआरएस की सिफारिश के बाद शुरू हुई पहल

रेलवे सूत्रों के अनुसार वर्ष 2024 में नॉर्थ ईस्ट क्षेत्र और गोंडा रेल हादसे की जांच के बाद कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) ने कई महत्वपूर्ण सिफारिशें की थीं. इन्हीं सिफारिशों के आधार पर पूर्व मध्य रेलवे ने जांच प्रक्रिया को और मजबूत बनाने की तैयारी शुरू कर दी है. जल्द ही दानापुर मंडल सहित पूर्व मध्य रेलवे के विभिन्न मंडलों में कार्यरत एआरटी कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा.

फॉरेंसिक विशेषज्ञ देंगे विशेष प्रशिक्षण

प्रशिक्षण के दौरान रेलकर्मियों को दुर्घटना स्थल की वीडियोग्राफी, घटनास्थल का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण, साक्ष्यों के संरक्षण और तकनीकी निरीक्षण की जानकारी दी जाएगी. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जांच के दौरान कोई महत्वपूर्ण सुराग नष्ट न हो और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का सही आकलन किया जा सके.

ड्रोन कैमरे से होगी घटनास्थल की रिकॉर्डिंग

रेलवे अब एआरटी में ड्रोन कैमरे भी उपलब्ध कराएगा. बहाली कार्य शुरू होने से पहले ड्रोन की मदद से पूरे घटनास्थल की रिकॉर्डिंग की जाएगी. इससे दुर्घटना स्थल का प्लान व्यू सुरक्षित रहेगा और मलबा हटाने के बाद भी स्थिति का सही विश्लेषण किया जा सकेगा.

जांच तकनीक और सुरक्षा प्रणाली होगी मजबूत

रेलवे सूत्रों के मुताबिक सीआरएस ने बी-स्कैन तकनीक को बेहतर बनाने के लिए जांच मशीनों के सॉफ्टवेयर अपग्रेड करने की भी सिफारिश की है. इसके अलावा चरणबद्ध ऐरे स्कैन तकनीक के उपयोग की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं. पावर कार के गार्ड हिस्से में सीसीटीवी कैमरा और विशेष सुरक्षा लॉक लगाने का भी प्रस्ताव है, जिससे भविष्य में दुर्घटनाओं की रोकथाम और जांच प्रक्रिया दोनों को और मजबूत बनाया जा सकेगा.


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