जात-पांत के खिलाफ भी चलेगा जनजागरण, समाज से करेंगे खत्म : सीएम नीतीश
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 16 Apr 2017 8:54 AM
पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराबबंद के बाद अब नशाबंदी के साथ-साथ जात-पांत के खिलाफ भी जनजागरण चलाने का एलान किया है. उन्होंने कहा कि जात-पांत के खिलाफ जनजागरण चलता रहना चाहिए. साथ ही बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ भी सशक्त अभियान चलाया जायेगा, ताकि समाज में व्याप्त कुरीतियों को […]
पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराबबंद के बाद अब नशाबंदी के साथ-साथ जात-पांत के खिलाफ भी जनजागरण चलाने का एलान किया है. उन्होंने कहा कि जात-पांत के खिलाफ जनजागरण चलता रहना चाहिए. साथ ही बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ भी सशक्त अभियान चलाया जायेगा, ताकि समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त किया जा सके.
मुख्यमंत्री महात्मा गांधी के चंपारण सत्याग्रह के शताब्दी समारोह व गांधी संग्रहालय के स्वर्ण जयंती समारोह पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे. समारोह में उन्होंने कहा कि पहले भी जातिवाद था, लेकिन आज का जो माहौल है, असहिष्णुता का जो दौर चल रहा है, उसमें टकराव की स्थिति है. ऐसे में बिहार में शराब बंद की गयी. इसे अमल में लाया जा रहा है. बिहार के लोग साथ हैं. 21 जनवरी को नशाबंदी के खिलाफ पूरे बिहार में चार करोड़ लोगों की बनी मानव श्रृंखला इसी जनभावना का प्रकटीकरण है. अब तो दूसरी जगहों पर भी शराबबंदी की मांग उठ रही है. गोवा में एक अध्ययन हुआ है. वहां काफी शराब का प्रचलन है. महिलाएं भी शराब का सेवन करती हैं. इससे वहां महिलाएं डिप्रेशन की शिकार हो रही हैं.
सीएम नीतीश ने कहा कि हम रिपोर्ट मंगा रहे हैं. जो लोग शराबबंदी पर मेरी आलोचना करते थे और मजाक उड़ाते थे, उन्हें दिखायेंगे. हम इस मुहिम को और आगे बढ़ायेंगे और इसमें कामयाब होंगे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि आज लोग महात्मा गांधी के नाम को तो जानते हैं, पर उनके विचारों को जानने व अपनाने से लोग लोग दूर रहते हैं. सबके मन में उनके प्रति आदर का भाव भी है, लेकिन सिर्फ नाम से ही नहीं, उनके जीवन व संदेश से अवगत होना चाहिए. गांधी जी के काम से परिचित हों और उनके विचारों का आत्मसात करें. अगर 10 फीसदी नयी पीढ़ी भी गांधीजीके विचारों केप्रतिआर्कषित हो जाये, तो आने वाले 15 से 20 सालों में समाज बदल जायेगा.
चंपारण में जहां गांधी गये उन जगहों पर भी पदयात्रा
पटना. चंपारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह के तहत तत्कालीन चंपारण के जिन-जिन इलाकों में महात्मा गांधी गये उनमें से पांच से छह जगहों पर पदयात्राएं होंगी. इसके लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जगह चिह्नित करने का टास्क सौंपा गया है. जल्द ही सभी रूटतय कर लिये जायेंगे और पदयात्रा की तिथि भी घोषित की जायेगी. इनमें राजकुमार शुक्ल का गांव सतवरिया भी शामिल है. सूत्रों के मुताबिक इन यात्राओं में मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे. मई महीने में यह यात्राएं शुरू की जायेंगी. इसके अलावा कला संस्कृति विभाग की ओर से चंपारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह को लेकर विरासत यात्रा निकाली जायेगी. इस यात्रा को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हरी झंडी दिखा कर रवाना करेंगे.
सेनानियों का सम्मान 17 को, विशेष यात्रा 22 को
मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह को लेकर राज्य सरकार देश भर के स्वतंत्रता सेनानियों को 17 अप्रैल को सम्मानित करेगी. इसमें देश भर के स्वतंत्रता सेनानी भाग लेंगे. जो लोग नहीं आ पायेंगे उन्हें उनके घरों में जाकर सम्मान दिया जायेगा. यह हमारे लिए गौरव की बात है. इस सम्मान समारोह में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी समेत सभी राजनीतिक दलों के लोग शामिल होंगे. इससे पहले 10-11 अप्रैल को पटना में ही गांधी जी पर राष्ट्रीय विमर्श हुआ. दो दिनों में जो कुछ भी बातें सामने आयी हैं, उसे किताब के रूप में छापा जायेगा, जो आज की पीढ़ी व आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि 18 अप्रैल को पूर्वी चंपारण के चंदरिहया से मोतिहारी तक पदयात्रा निकाली जायेगी.
साथ ही 22 अप्रैल, 1917 को महात्मा गांधी राजकुमार शुक्ल के घर गये थे. इसलिए उस दिन भी एक विशेष यात्रा निकाली जायेगी. सरकार गांधी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना चाहती है. इसके लिए गांधी रथ रवाना किया गया है जिसमें गांव-गांव में डाक्यूमेंत्री फिल्में दिखायी जायेंगी. इसके बाद एक साल तक घर-घर में दस्तक दी जायेगी और स्कूलों में हर दिन प्रार्थना के बाद गांधी वाचन किया जायेगा. इसके लिए 50 कहानियां तैयार की जा रही हैं.
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