बीएड एडमिशन में अनियमितता पर राजभवन सख्त, 15 तक मांगी रिपोर्ट

Updated at : 10 Jan 2020 7:43 AM (IST)
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बीएड एडमिशन में अनियमितता पर राजभवन सख्त, 15 तक मांगी रिपोर्ट

पटना : पिछले साल बीएड प्रवेश में हुई गड़बड़ी पर राजभवन ने चिंता व्यक्त करते हुए 15 जनवरी तक सभी विश्वविद्यालयों से फाइनल रिपोर्ट तलब की है. राज्यपाल फागू चौहान ने सभी विश्वविद्यालयों से दो टूक कहा है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक […]

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पटना : पिछले साल बीएड प्रवेश में हुई गड़बड़ी पर राजभवन ने चिंता व्यक्त करते हुए 15 जनवरी तक सभी विश्वविद्यालयों से फाइनल रिपोर्ट तलब की है. राज्यपाल फागू चौहान ने सभी विश्वविद्यालयों से दो टूक कहा है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों की प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं विधि सम्मत होनी चाहिए. इसमें किसी तरह का कोई समझौता नहीं किया जायेगा. बैठक गुरुवार को राजभवन सभागार में आयोजित की गयी.

पिछले साल बीएड के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा पास किये बिना सैकड़ों विद्यार्थियों ने कॉलेजों की मिलीभगत से विभिन्न कॉलेजों में प्रवेश पा लिया था. उस समय बीएड प्रवेश परीक्षा नालंदा ओपन विश्वविद्यालय ने करायी थी. जांच में करीब एक हजार बीएड विद्यार्थियों पर नियम विरुद्ध एडमिशन लेने पर और कुछ कॉलेजों पर गाज गिर सकती है. फिलहाल राजभवन ने इस मामले में अपना सख्त रुख अपनाया है.
शैक्षणिक सत्र लेट होने पर व्यक्त की चिंता
अलग-अलग विवि को सिलेबस तैयार करने की जिम्मेदारी भी दी गयी है. इस संबंध में भी राजभवन ने संबंधित कुलपतियों से जानकारी ली. परीक्षा एवं शैक्षणिक सत्र लेट होने पर भी राज्यपाल ने गहरी चिंता व्यक्त की. निर्देश दिया कि इनको 20 जून तक नियमित कर दिया जाये.
बैठक में बताया गया कि भागलपुर विश्वविद्यालय, मगध विश्वविद्यालय, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, जयप्रकाश विश्वविद्यालय और बीएन मंडल विश्वविद्यालय में परीक्षा सत्र अब भी लेट हैं. बैठक में विषयवार विद्यार्थियों की संख्या मांगने के बजाय संबद्ध कॉलेजों से एडमिशन की कुल संख्या मांगे जाने से कुछ तकनीकी पेचीदगी पर चर्चा की गयी. राज्यपाल ने विवि में शिक्षकों की नियुक्ति के में भी ध्यान देने की बात कही.
ऐसा देखा जा रहा है किसी विषय में अधिक छात्र नामांकित हैं, जबकि संबंधित विषय के शिक्षकों की कमी है, जबकि कहीं-कहीं इसका उल्टा भी है. राज्यपाल ने इसे गंभीर विसंगति माना व सुधार के निर्देश दिये. बैठक में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए तैयार की गयी ब्लू प्रिंट योजना पर चर्चा हुई. च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम को लागू करने नियमावली बनाने पर विचार किया गया.
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