क्लैट में बड़ा बदलाव, नहीं पूछे जायेंगे लीगल रीजनिंग व जीके के प्रश्न

Updated at : 24 Nov 2019 1:54 AM (IST)
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क्लैट में बड़ा बदलाव, नहीं पूछे जायेंगे लीगल रीजनिंग व जीके के प्रश्न

2020 को नये पैटर्न पर होगी परीक्षापटना : कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैट) 2020 की तिथि जारी कर दी गयी है. 10 मई, 2020 को होने वाले क्लैट के पैटर्न में भी बड़ा बदलाव किया गया है. बेंगलुरु के कंसोर्टियम के स्थायी सचिवालय में आयोजित बैठक के दौरान कंसोर्टियम के अध्यक्ष प्रो फैजान मुस्तफा ने […]

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2020 को नये पैटर्न पर होगी परीक्षा
पटना : कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैट) 2020 की तिथि जारी कर दी गयी है. 10 मई, 2020 को होने वाले क्लैट के पैटर्न में भी बड़ा बदलाव किया गया है. बेंगलुरु के कंसोर्टियम के स्थायी सचिवालय में आयोजित बैठक के दौरान कंसोर्टियम के अध्यक्ष प्रो फैजान मुस्तफा ने कहा है कि क्लैट में अंडरग्रेजुएट स्तर की प्रवेश परीक्षा में सवाल पूछने के तरीके में बदलाव किया गया है.

अब दो घंटे की अवधि में छात्रों से 200 के स्थान पर 120 से 150 प्रश्न ही पूछे जायेंगे. लीगल रीजनिंग के प्रश्न नहीं पूछे जायेंगे. कंप्रिहेंशन से जुड़े सवाल ज्यादा पूछे जायेंगे. ये सवाल क्वांटिटेटिव टेक्निक, अंग्रेजी, करेंट अफेयर्स व रीजनिंग से पूछे जायेंगे. परीक्षा में डिस्क्रिप्टिव हिस्सा पिछले साल जैसा ही रहेगा.

प्रो मुस्तफा का कहना है कि हमने यह फैसला इसलिए भी लिया है ताकि अधिक-से-अधिक योग्य और सक्षम उम्मीदवारों को नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में एडमिशन मिले. साथ ही उनके पास टेक्स्ट रीड करने और रीजनिंग का कौशल भी हो. इसकी विस्तृत जानकारी दिसंबर में जारी कर दी जायेगी. परीक्षा के लिए आवेदन ऑनलाइन होगा, जबकि परीक्षा ऑफलाइन तरीक से ही आयोजित की जायेगी. नये पैटर्न पर होने वाली परीक्षा के लिए फॉर्म 1 जनवरी, 2020 से भरना होगा.

टेस्ट से पहले नहीं पढ़ने पड़ेंगे लॉ से जुड़े प्रश्न

क्लैट पाथ के निदेशक चंदन झा ने कहा है कि अब क्वांटिटेटिव तकनीक, अंग्रेजी, करंट अफेयर्स, डिडक्टिव रीजनिंग और लॉजिकल रीजनिंग से प्रश्न पूछे जायेंगे. इससे रटने वाले स्टूडेंट्स को परेशानी होगी. आइक्यू वाले स्टूडेंट्स और विषय की गहराई से अध्ययन करने वाले स्टूडेंट्स को फायदा मिलेगा. अब सामान्य ज्ञान के प्रश्नों को भी हटा दिया गया है. 50 अंक के लीगल एप्टिट्यूड को हटा दिया गया है.

अब 12वीं के स्टूडेंट्स को लॉ ऑफ टॉर्ट, इंडियन पीनल कोड, लॉ ऑफ कॉन्ट्रैक्ट और क्रिमिनल लॉ जैसी जानकारियां रखने की जरूरत नहीं है. स्टूडेंट्स के लैंग्वेज पर पकड़ और उनके आइक्यू को देखा जायेगा. नये पैटर्न का मकसद है कि बिना लॉ की जानकारी लिये भी समस्या का हल कैसे किया जा सकता है. इसके लिए आइक्यू टेस्ट पर जोड़ दिया गया है. उम्मीदवारों को कम-से-कम 45 प्रतिशत (सामान्य श्रेणी) और 40 प्रतिशत (आरक्षित श्रेणी) अंकों के साथ किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं उत्तीर्ण होना चाहिए.

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