पटना : ओबीसी की गणना की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं

Updated at : 23 Aug 2019 9:09 AM (IST)
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पटना : ओबीसी की गणना की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं

शशिभूषण कुंवर जनगणना का प्री टेस्ट शुरू पटना : राज्य में जनगणना 2021 की प्री टेस्टिंग शुरू हो गयी है. पिछली सरकार में तत्कालीन गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सरकार द्वारा करायी जाने वाली जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की गणना कराने की घोषणा अगस्त, 2018 में की थी. अब जनगणना का काम शुरू हो […]

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शशिभूषण कुंवर
जनगणना का प्री टेस्ट शुरू
पटना : राज्य में जनगणना 2021 की प्री टेस्टिंग शुरू हो गयी है. पिछली सरकार में तत्कालीन गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सरकार द्वारा करायी जाने वाली जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की गणना कराने की घोषणा अगस्त, 2018 में की थी. अब जनगणना का काम शुरू हो गया है, लेिकन ओबीसी की गणना की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है.
इसलिए यह कहना िक इस जनगणना में ओबीसी की गणना होगी या नहीं, मुिश्कल है. देश में 1931 के बाद जातीय जनगणना नहीं हुई है. विभिन्न राजनीतिक दलों की मांग रही है कि जनगणना में जातियों की भी गणना करायी जाये. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी फरवरी, 2019 में राज्यपाल के अभिभाषण पर विधानसभा में सरकार का पक्ष रखते हुए कास्ट सेंसस की मांग रखी थी.
उन्होंने कहा था कि इस तरह की मांग उनकी पार्टी की शुरू से रही है. अब तक जनगणना में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के ही आंकड़े संग्रहित किये जाते हैं. जनगणना 2021 के प्रारंभिक कार्य आरंभ हो चुके हैं. जनगणना में जातियों के लिए तीन कोड दर्ज कराये जाते हैं. इसमें अनुसूचित जातियों के लिए कोड एक निर्धारित िकया गया है, जबकि कोड दो अनुसूचित जनजातियों के लिए होता है. इन दोनों जातियों से इतर जातियों के लिए कोड तीन का प्रयोग किया जाता है. रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया द्वारा जनगणना का काम आरंभ किया जा चुका है.
कास्ट सेंसस बहुत जरूरी : केसी त्यागी
जदयू के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि कास्ट सेंसस बहुत जरूरी है. जदयू द्वारा सबसे पहले संसद में जातीय जनगणना की मांग उठायी गयी थी. इससे यह पता चलेगा कि समाज में कमजोर वर्गों की क्या स्थिति है. उनकी संख्या क्या है. अनुसूचित जातियों में महादलितों की संख्या कितनी है. इससे यह भी पता चलेगा कि सरकार द्वारा इन कमजोर वर्ग के लोगों के लिए जो योजनाएं चलायी जाती हैं, उसका लाभ इन वर्गों को कितना मिला है. सरकारी योजनाओं के माध्यम से उनका कितना उत्थान हुआ.
डर से नहीं करायी जा रही जातीय जनगणना :मनोज
राजद के राज्यसभा सांसद व महासचिव मनोज कुमार झा ने बताया कि केंद्र सरकार जनगणना में ओबीसी की जनगणना कराने से डर रही है.
सरकार को जातियों की संख्या को लेकर भय है. उन्होंने बताया कि देश को यह जानकारी होनी चाहिए कि जो लोग मजदूरी करते हैं, बिना मकान में रहते हैं और जो भीख मांगते हैं, उनकी जाति क्या है. 2011 में सामाजिक आर्थिक व जातीय जनगणना करायी गयी थी. सांसद में सवाल पूछने पर जवाब नहीं मिलता है.
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