पटना : सहारा ने निवेशकों की राशि नहीं लौटायी तो दर्ज होगी प्राथमिकी : सुशील मोदी

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पटना : उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि सहारा समूह की कंपनियों ने निवेशकों के पैसे वापस नहीं किये, तो उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी.
उन्होंने कहा कि तीन सोसाइटी सहारा इंडिया क्रेडिट कंपनी लिमिटेड, यूनिवर्सल सहार्यन मल्टी पर्पस को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड और हमारा इंडिया क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड द्वारा जमाकर्ताओं से निवेश के लिए राशि प्राप्त की जा रही है. यह तीनों सोसाइटी सेंट्रल रजिस्ट्रार ऑफ को-ऑपरेटिव सोसाइटीज, कृषि एवं सहकारिता विभाग, कृषि मंत्रालय से निबंधित हैं.
निवेशकों से जमा प्राप्त करना और परिपक्व राशि का भुगतान करना इन सोसाइटियों का दायित्व है. इसमें तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं होती है.
इसके बावजूद बिहार सरकार अपने स्तर से भी निवेशकों की जमा पूंजी वापस कराने के लिए जमाकर्ताओं के हितों का संरक्षण अधिनियम के तहत पूरा प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर और निवेशकों की परिपक्वता राशि नहीं लौटाने पर सहारा पर प्राथमिकी दर्ज की जायेगी. वित्त मंत्री विधानसभा में राजद के कुमार सर्वजीत द्वारा पूछे गये अल्प सूचित प्रश्न का जवाब दे रहे थे. उन्होंने बताया कि सहारा के विरुद्ध परिपक्वता (मैच्युरिटी) राशि के भुगतान के संबंध में शिकायतें प्राय: सभी जिलों में सक्षम प्राधिकार को प्राप्त हो रही हैं. अधिसंख्य शिकायतें पटना जिले से हैं.
पटना जिले में कुल 3556 निवेशकों ने परिपक्वता राशि के भुगतान के लिए आवेदन दिया है. इनमें 1982 मामलों में कुल 18 करोड़ 36 लाख 51 हजार 566 रुपये का भुगतान किया जा चुका है. पूर्णिया जिले में 13 लाख 76 हजार, लखीसराय जिले में नौ लाख 90 हजार, सारण जिले में चार लाख 29 हजार का भुगतान किये जाने की सूचना मिली है. अन्य जिलों से रिपोर्ट की मांग की गयी है.
सहारा इंडिया की ओर से निवेशकों को राशि भुगतान के लिए संबंधित जिलों के डीएम को गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थान के लिए सक्षम प्राधिकार है. उनके द्वारा लगातार सहारा इंडिया के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की जा रही है और भुगतान कराने का प्रयास किया जा रहा है. भुगतान नहीं किये जाने की स्थिति में सहारा इंडिया कंपनी के विरुद्ध बिहार जमाकर्ताओं के हितों का संरक्षण अधिनियम 2002(संशोधित अधिनियम 2013 व 2017) के तहत कार्रवाई करने के लिए सभी डीएम को निर्देश दिया गया है.
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