पटना : राजधानी में जमीन के अंदर सूख रहा पानी का खजाना, कम बारिश के कारण रिचार्ज नहीं हो रहा भू-जल स्तर
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :29 Apr 2019 7:10 AM (IST)
विज्ञापन

पटना : शहरी के भू-जल स्तर में लगातार गिरावट आ रही है. भू-जल स्तर पर निगरानी रख रही सरकारी एजेंसियों केंद्रीय भू-जल बोर्ड व बुडको का आकलन है कि अप्रैल माह में भू-जल स्तर तेजी से 10 फुट नीचे खिसका है. सबसे बड़ी चिंता की बात है कि भू-जल में इस गिरावट की प्रकृति का […]
विज्ञापन
पटना : शहरी के भू-जल स्तर में लगातार गिरावट आ रही है. भू-जल स्तर पर निगरानी रख रही सरकारी एजेंसियों केंद्रीय भू-जल बोर्ड व बुडको का आकलन है कि अप्रैल माह में भू-जल स्तर तेजी से 10 फुट नीचे खिसका है.
सबसे बड़ी चिंता की बात है कि भू-जल में इस गिरावट की प्रकृति का स्थायी होना है. पहले भी गर्मियों में भू-जल स्तर में गिरावट दर्ज होती थी, लेकिन बरसात में जल स्तर मेंटेन हो जाता था. लेकिन, पिछले कुछ सालों से ऐसा नहीं हो रहा है. अब शहर में पानी का जितना दोहन हो जाता है, वह बरसात बाद 50% ही मेंटेन हो पाता है.
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पांच साल पहले तक 50 से 55 फुट के बीच साल भर पानी मिलता रहता था. अब बरसात में भी 60 फुट पर जल स्तर रहता है. इस बार अप्रैल में ही जल स्तर 65 से 70 फुट तक भू-जल स्तर पहुंच गया है.
एक हफ्ते के अंदर निगम ने शहर के दर्जनों इलाकों में पाइप की लंबाई बढ़ायी है, तब जाकर शहर में समुचित जलापूर्ति हो पा रही है. भू-जल स्तर में गिरावट से जुड़ा विशेष तथ्य यह है कि पहले 60 एचपी की मोटर से प्रति मिनट 50 हजार गैलन पानी का डिस्चार्ज होता है. अब इसमें कमी आ गयी है. यह स्थिति तब है, जब बोरिंग में पाइपों की लंबाई बढ़ायी गयी है.
गिरावट इसलिए भी चिंता की बात
पानी के खजाने में कमी की कई वजहें हैं. सबसे बड़ी वजह यह है कि 16 घंटे पानी की आपूर्ति के बाद भी नगर निगम केवल 120 लीटर प्रति व्यक्ति पानी आपूर्ति कर पाता है. फिर भी प्रति व्यक्ति जल की यह आपूर्ति नॉर्म्स से कम है. भारत सरकार और डब्ल्यूएचओ के मानदंड के हिसाब से प्रति व्यक्ति 135 लीटर पानी की उपलब्धता जरूरी है.
शहरी भू-जल स्तर में हो रही स्थायी गिरावट, एक माह में 10 फुट नीचे गिरा पानी
स्थायी तौर पर भू-जल स्तर में गिरावट के कारण
कंक्रीट के इन्फ्रास्ट्रक्चर में इजाफा
गहरी जड़ वाले विशाल पेड़ों मसलन आम, जामुन, पीपल, शीशम आदि की जबर्दस्त कटाई. दरअसल यही वृक्ष भू-जल को एक्वीफर (पानी की परतें या जल कोष) तक ले जाने के माध्यम थे.
शहर में पानी वाली जमीन या वेटलैंड पर अवैध कब्जा, शहर के दक्षिणी छोर के वेटलैंड की पूरे राज्य में अपनी पहचान थी.
शहर के मास्टर प्लान की अनदेखी, जिसके चलते अनियोजित विकास हो रहा है.
बारिश में लगातार गिरावट, शहर या समूचे जिले की औसत बारिश 1200 मिमी से घटकर अब 800 मिमी तक आ गयी है.अप्रैल माह में अचानक काफी भू-जल गिरा है. लगातार हो रही कम बरसात और अन्य वजहों से तुलनात्मक रूप में भू-जल समुचित मात्रा में रिचार्ज नहीं हो पा रहा है. अब गिरावट लगातार हो रही है. फिलहाल भू-जल गिरने से बोरिंग में पाइप की लंबाई बढ़ायी जा रही है.
-विनाेद कुमार तिवारी, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर, बुडको
बिहार के 102 प्रखंडों में खोदे जायेंगे तालाब होगी ग्राउंड वाटर लेवल रिचार्ज की व्यवस्था
पटना : राज्य में भू-जल स्तर खत्म होने वाले 19 जिलों के 102 प्रखंडों में स्थिति सुधारने के लिए रिचार्ज की व्यवस्था की जायेगी. पीएचइडी और लघु जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की शुक्रवार और शनिवार की बैठक में यह सहमति बनी है.
इस पर 29 अप्रैल को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में अनुमति मिलने के बाद भू-जल स्तर रिचार्ज का काम शुरू हो जायेगा. इसके तहत इन प्रखंडों में सरकार तालाब खुदवायेगी. इसके लिए आम लोगों से जमीन की मांग की जायेगी.
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि भू-जल खत्म हो चुके 102 प्रखंडों में पुराने कुओं का जीर्णोद्धार किया जायेगा. इसके लिए पहले सभी 102 प्रखंडों में सर्वे कराया जायेगा कि वहां कितने तालाब और कुएं हैं. जिन जगहों पर जरूरत होगी, वहां के ग्रामीणों से तालाब खुदवाने के लिए जमीन मांगी जायेगी.
विभागीय सूत्रों का कहना है कि तालाब का निर्माण भी वैज्ञानिक तरीके से किया जायेगा, जिसका फायदा आसपास के गांवों के भू-जल स्तर को ऊंचा करने मेें मिल सके. गर्मी के बाद अब बारिश का मौसम आने वाला है.
ऐसे में यह मौसम भू-जल स्तर को बढ़ाने के लिए उपयुक्त समय होगा. यदि ठीक तरीके से काम किया गया तो केवल तीन महीने में ही भू-जल स्तर की स्थिति में सुधार दिखने की संभावना है. समय-समय पर भू-जल स्तर की स्थिति जांचने के लिए टेलीमेटरी उपकरण भी लगाये गये हैं. इससे उसके परिवर्तन की सूचना मिलती रहेगी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




