बेरोजगारी और स्वास्थ्य समस्या देश के लिए चुनौती : प्रणब मुखर्जी

Updated at : 21 Jan 2019 6:44 PM (IST)
विज्ञापन
बेरोजगारी और स्वास्थ्य समस्या देश के लिए चुनौती : प्रणब मुखर्जी

पटना : पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि अपना देश कई मायनों में अद्वितीय है. पिछले 70 सालों में जबरदस्त बदलाव आया है. इसी के साथ देश के लिए तमाम नयी चुनौतियां भी सामने खड़ी हैं. ये चुनौतियां राष्ट्र पर बोझ हैं. हमारे यहां स्नातकों के लिए रोजगार नहीं हैं, हमारे देश के बच्चे […]

विज्ञापन

पटना : पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि अपना देश कई मायनों में अद्वितीय है. पिछले 70 सालों में जबरदस्त बदलाव आया है. इसी के साथ देश के लिए तमाम नयी चुनौतियां भी सामने खड़ी हैं. ये चुनौतियां राष्ट्र पर बोझ हैं. हमारे यहां स्नातकों के लिए रोजगार नहीं हैं, हमारे देश के बच्चे कुपोषित हो रहे हैं. उन्हें पर्याप्त पोषक तत्व मुहैया नहीं हो पा रहा है. आज भी बच्चों के जन्म के दौरान माताएं जान गंवा रही हैं. हवा प्रदूषित हो रही है और लगातार पानी की गुणवत्ता खराब हो रही है. हमें सचेत होना पड़ेगा. इन चुनौतियों को ध्यान में रखकर तत्काल समाधान खोजना होगा. पूर्व राष्ट्रपति ललित नारायण मिश्र न्यू इंडिया चेंज मेकर अवार्ड समारोह में बोल रहे थे. उधर, पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र की किताब ‘बिहार : बढ़कर रहेगा’ का भी विमोचन पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने किया. पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि नये भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है. हमें उनकी ऊर्जा को चैनलाइज़ करने की जरूरत है. इससे आने वाले भारत की तस्वीर बदल जायेगी. युवाओं के ऊर्जा का सही उपयोग कर हम देश को नयी ऊंचाइयों तक ले जा सकेंगे.

सोमवार को आयोजित समारोह में चेन्नई के स्वयंसेवी संस्था ‘भूमि’ के संस्थापक डॉ प्रल्हाथन केके को पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने ललित नारायण मिश्र न्यू इंडिया चेंज मेकर अवार्ड से नवाजा. यह अवार्ड पूर्व रेल मंत्री स्व. ललित नारायण मिश्र की स्मृति में दिया गया. मुजफ्फरपुर के ललित नारायण मिश्र कॉलेज ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट की ओर से आयोजित कार्यक्रम में प्रणब मुखर्जी ने डॉ प्रल्हाथन केके को सराहा. उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वह भी डॉ प्रल्हाथन की तरह समाज को, देश को आगे लाने में योगदान दें. देश की तस्वीर बदलने में अपने आइडियाज का उपयोग करें. उन्होंने कहा- यह पुरस्कार ललित नारायण मिश्रा की यादों को ताजा करता है. जो खुद बदलाव के उदाहरण थे. ललित नारायण भारत के ऐसे सपूत थे, जो 1957 से 1975 के दौरान भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में कार्य किया. वह सामाजिक आर्थिक न्याय की हमेशा वकालत करते रहे. अपने परिश्रम से विकास की कई कहानियां लिखीं. इस तरह के पुरस्कार और प्रोत्साहन से तमाम अन्य युवाओं में जोश भरेगा. उन्होंने उम्मीद जतायी कि इस तरह के अवार्ड से न्यू इंडिया की परिकल्पना सार्थक होगी. इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र, उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के मंत्री विनोद नारायण झा, पूर्व मंत्री व भाजपा नेता नीतीश मिश्रा, आइसीएएस के फाइनेंशियल एडवाइजर डॉ संजीव मिश्रा आदि उपस्थित रहे.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन