बिहार में पहली बार मरीज के खुद के स्टेमसेल से हुआ बोन मैरो ट्रांसप्लांट
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 31 Jul 2018 6:32 AM
विज्ञापन
पटना : कैंसर से पीड़ित एक मरीज की जिंदगी तब बच गयी, जब आईजीआईएमएस के डॉक्टरों ने सफल बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया. 52 साल के विजय कुमार रंजन नाम के मरीज के ही शरीर से स्टेम सेल निकाल कर ट्रांसप्लांट किया गया है. मल्टीपल मायलोमा कैंसर से जूझ रहे खगड़िया के विजय कुमार का ऑटोलोगस […]
विज्ञापन
पटना : कैंसर से पीड़ित एक मरीज की जिंदगी तब बच गयी, जब आईजीआईएमएस के डॉक्टरों ने सफल बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया. 52 साल के विजय कुमार रंजन नाम के मरीज के ही शरीर से स्टेम सेल निकाल कर ट्रांसप्लांट किया गया है. मल्टीपल मायलोमा कैंसर से जूझ रहे खगड़िया के विजय कुमार का ऑटोलोगस बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया गया.
अब मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है. डॉक्टरों का दावा है कि बिहार के किसी भी सरकारी अस्पताल में अभी तक बोन मैरो ट्रांसप्लांट नहीं किया गया था. आईजीआईएमएस पहला सरकारी अस्पताल बन गया है, जहां यह सुविधा मिल रही है. बोन मैरो ट्रांसप्लांट के बाद आईजीआईएमएस में सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया. अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ मनीष मंडल ने बताया कि विजय कुमार को पहले किडनी की बीमारी थी.
किडनी में संक्रमण साथ ही उसमें कैंसर के लक्षण पाये गये. उसके बाद 2017 में चार माह कीमोथेरेपी चली. उस समय बीमारी तो ठीक हो गयी, लेकिन बाद में फिर से परेशानी बढ़ गयी. डॉक्टरों ने फिर से कीमोथेरेपी की. बावजूद मरीज ठीक नहीं हो पाया और जब जांच की गयी, तो उसे मल्टीपल मायलोमा नामक बीमारी के होने का पता चला.
ऐसे हुआ बोन मैरो ट्रांसप्लांट
पहले कीमोथेरेपी देकर मरीज की स्थिति को स्थिर किया गया n एक विशेष मशीन से मरीज के ब्लड से स्टेम सेल निकाल कर 4 डिग्री तापमान में स्टोर किया गया n इसके बाद कीमोथेरेपी के दो हेवी डोज मरीज को दिये गये n मरीज को संक्रमण न हो, इसके लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट की विशेष यूनिट में भर्ती रखा गया n विशेष तकनीक से शरीर में स्टेम सेल ट्रांसप्लांट किये गये, जो तीन हफ्ते में हड्डी तक पहुंचे n मरीज तीन से चार महीने में सामान्य कामकाज करने की स्थिति में आ जायेगा.
पांच लाख में हुआ ट्रांसप्लांट: डॉ मनीष मंडल के अनुसार आम तौर पर बोन मैरो ट्रांसप्लांट में 8 से 10 लाख रुपये का खर्च आता है, लेकिन आईजीआईएमएस में पांच लाख रुपये में ही ट्रांसप्लांट किया गया. ऐसे में अब मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा और पांच लाख रुपये में ही ट्रांसप्लांट हो जायेगा. ट्रांसप्लांट का नेतृत्व मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अविनाश पांडे और उनकी टीम ने किया.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










