शराब नहीं मिलने पर वृद्ध ने तोड़ा दम!

Updated at : 07 Apr 2016 7:02 PM (IST)
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शराब नहीं मिलने पर वृद्ध ने तोड़ा दम!

शराब नहीं मिलने पर वृद्ध ने तोड़ा दम! मृतक की पत्नी ने कहा, जीवन रक्षक दवा के रूप में सुबह व शाम शराब करते थे सेवन फोटो-नवादा/11कैप्शन- मृतक की रोती बिलखती पत्नीप्रतिनिधि4नवादा (सदर)बिहार में पूर्ण शराबबंदी कई लोगों के जीवन में खुशियां बिखेर रही है, तो कई लोगों को दवा के रूप में शराब नहीं […]

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शराब नहीं मिलने पर वृद्ध ने तोड़ा दम! मृतक की पत्नी ने कहा, जीवन रक्षक दवा के रूप में सुबह व शाम शराब करते थे सेवन फोटो-नवादा/11कैप्शन- मृतक की रोती बिलखती पत्नीप्रतिनिधि4नवादा (सदर)बिहार में पूर्ण शराबबंदी कई लोगों के जीवन में खुशियां बिखेर रही है, तो कई लोगों को दवा के रूप में शराब नहीं मिलने पर उन्हें तरह-तरह की बीमारी सता रही है. ऐसे ही एक व्यक्ति ने गुरूवार की दोपहर पिछले छह दिनों से शराब नहीं मिलने के कारण दम तोड़ दिया. यह दावा मृतक की पत्नी का है. शहर के राम नगर अग्रवाल पेट्रोल पंप के पीछे किराये मकान में रहनेवाले भवन प्रमंडल से सेवानिवृत्त ड्राफ्ट मैन विमल कुमार चक्रवर्ती उर्फ बंगाली दादा ने गुरुवार की दोपहर अपने घर में दम तोड़ दिया. 68 वर्षीय विमल कुमार चक्रवर्ती प्रतिदिन सुबह व शाम दवा के रूप में दो-दो पैक शराब लिया करते थे. उनकी पत्नी रूपा चक्रवर्ती ने बताया कि वे पिछले 25-30 साल से शराब का सेवन करते आ रहे थे. जिस दिन उन्हें शराब नहीं मिलती थी, वे पागलों की तरह बातें करते थे. बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बाद एक अप्रैल से शराब नहीं मिल पा रही थी. इससे इनकी हालात दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही थी. रुपा चक्रवर्ती ने बताया कि मैं खुद उनके लिए शराब लाने बाजारों में गयी थी. परंतु दवा के रूप में भी शराब नहीं मिलने पर इनकी हालत बिगड़ती गयी. हालात में सुधार के लिए कई प्रकार की दवाएं भी दी. परंतु कोई असर नहीं हुआ. गुरुवार की दोपहर बेड पर पड़े-पड़े ही उन्होंने दम तोड़ दिया. नवादा में वे पिछले कई वर्षों से भवन प्रमंडल कार्यालय में कार्यरत थे. आठ वर्ष पहले ही रिटायर हुए थे. रिटायर के बाद भी वे घर में ही सुबह व शाम दवा के रूप में शराब का सेवन किया करते थे. भवन प्रमंडल विभाग से जुड़े कई कर्मचारियों ने भी बताया कि जब तक दादा शराब का सेवन नहीं करते थे. तब तक ऑफिस में ठीक तरीके से काम नहीं कर पाते थे. नवादा में विमल दा व उनकी पत्नी ही अकेली किराये के मकान में रह रही थी. तीन बेटियां अपने ससुरालों में जा बसी है. बेटे बाहर रहते हैं. इस घटना पर मुहल्लों के लोगों ने भी कहा कि शराब विमल दा के लिए जीवन रक्षक दवा बन चुकी थी. गुरुवार को भी मरने से पहले विमल दा ने अपनी पत्नी से शराब की एक पैक मांगी थी.

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