सात दिनों में ईंट भट्ठों का देना होगा डिटेल्स
Updated at : 09 Oct 2017 10:00 AM (IST)
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बगैर पर्यावरणीय स्वीकृति के नहीं चला सकते ईंट भट्ठे डीएम ने अधिकारियों पर दिखायी सख्ती नवादा : बिना पर्यावरणीय स्वीकृति व बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद से सीटीइ अथवा सीटीओ प्राप्त किये बिना ईंट भट्ठे नहीं खोल सकते. यह निर्देश जिला पदाधिकारी कौशल कुमार ने जिले के सभी ईंट निर्माताओं व ईंट भट्ठे के मालिकों […]
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बगैर पर्यावरणीय स्वीकृति के नहीं चला सकते ईंट भट्ठे
डीएम ने अधिकारियों पर दिखायी सख्ती
नवादा : बिना पर्यावरणीय स्वीकृति व बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद से सीटीइ अथवा सीटीओ प्राप्त किये बिना ईंट भट्ठे नहीं खोल सकते. यह निर्देश जिला पदाधिकारी कौशल कुमार ने जिले के सभी ईंट निर्माताओं व ईंट भट्ठे के मालिकों को दिया है.
जिला खनन कार्यालय में यह शिकायत आ रही है कि जिले के कई ईंट भट्ठों का संचालन बगैर पर्यावरणीय स्वीकृति व बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद एनओसी से प्राप्त किये बिना ही किया जा रहा है. इससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.
निर्माणकर्ताओं द्वारा बिहार लघु खनिज समनुदान नियमावली, 1972 के नियम 26 (क) के तहत निर्धारित समेकित स्वामिस्व का भुगतान भी नहीं किया जाता है. बगैर खनन अनुज्ञप्ति के ही ईंट व मिट्टी का निष्कासन किया जा रहा है. खान व खनिज (विकास व विनियमन) संशोधन अधिनियम 2015 के अनुसार वगैर अनुज्ञप्ति/पट्टा के ईंट व मिट्टी का खनन अवैध है .इसके लिए धारा 21 (1) में पांच वर्षों का कारावास के साथ पांच लाख रुपये प्रति हेक्टेयर जुर्माना का प्रावधान किया गया है. नियमों की अनदेखी करनेवालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जायेगा.
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