मछली किसानों को बनायेगी समृद्ध

Updated at : 21 Nov 2017 4:37 AM (IST)
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मछली किसानों को बनायेगी समृद्ध

पहल. जिले में मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं जारी कम लागत में होगी अधिक आमदनी मछली पालन के बताये गये टिप्स बिहारशरीफ : मछली उत्पादन कर किसान आर्थिक रूप से समृद्ध बन सकेंगे. कम लागत में किसान इससे अधिक आमदनी प्राप्त कर सकते हैं. जिले में मछली पालन को बढ़ावा देने […]

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पहल. जिले में मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं जारी

कम लागत में होगी अधिक आमदनी
मछली पालन के बताये गये टिप्स
बिहारशरीफ : मछली उत्पादन कर किसान आर्थिक रूप से समृद्ध बन सकेंगे. कम लागत में किसान इससे अधिक आमदनी प्राप्त कर सकते हैं. जिले में मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं. मत्स्यपालक इस योजना का लाभ उठायें. यह बातें नालंदा अवस्थित मोहनपुर में स्थित मत्स्य बीज हैचरी में आयोजित कार्यक्रम में जिला मत्स्य पदाधिकारी अशोक कुमार सिन्हा ने कहीं.
विभिन्न प्रजातियों की मछलियों का करें पालन
जिला मत्स्य पदाधिकारी अशोक कुमार सिन्हा ने कहा कि मत्स्य पालक अपनी मनपसंद की विभिन्न प्रजातियों की मछली पालन कर सकते हैं. मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए विभाग की ओर से योजना चलायी जा रही है. मत्स्य पालक इन योजनाओं से जुड़कर इसका लाभ उठा सकते हैं. इतना ही नहीं मछली पालन के लिए सरकार की ओर से तालाब निर्माण की भी व्यवस्था की गयी है. संबंधित किसान छोटे तालाब का निर्माण कर भी मछली उत्पादन कर धन अर्जित कर सकते हैं.
मछलियों को स्वस्थ रखने के लिए समानता विधि किसान अपनायें. मछलियों को रोगों से बचाव के लिए रासायनिक दवाओं का प्रयोग कर सकते हैं. मछलियों को रोगों से बचाव के बारे में भी किसानों को जानकारी दी गयी. किसान लोग छोटे तालाब में थाई मांगुर,पंगेसियस आदि मछलियों का पालन आसानी से कर सकते हैं. मत्स्यपालकों को मछली उत्पादन के गुर भी बताये गये. उन्होंने बताया कि पिछले छह माह के दौरान जिले में मछली उत्पादन में तीन गुना की वृद्धि हुई है. उन्होंने कहा कि मछली के साथ-साथ संबंधित तालाब में ही मोती का भी उत्पादन किसान आसानी से कर सकते हैं.
जैविक रासायनिक प्रयोग पर बल
सिलाव मत्स्यजीवी सहयोग समिति के मंत्री शिवनंदन प्रसाद उर्फ शिव जी ने मत्स्यपालकों से आग्रह किया कि जैविक रासायनिक का ही प्रयोग करें. जैविक रासायनिक प्रयोग में लागत भी कम आती है. साथ ही, मछलियों में ग्रोथ भी ठीक ढंग से होता है. मछलियों को समय-समय पर पौष्टिक आहार भी देते रहे. इस मौके पर जिला कृषि पदाधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि किसान अपनी आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ ही मत्स्य पालन भी करें. यह व्यवसाय भी कम पूंजी में फायदेमंद है. मछली का पालन कर आमदनी के साथ ही साथ किसानों को पौष्टिक आहार भी आसानी से मिल जायेगा.
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