यह पत्र परियोजना निदेशक के उस पत्र के जवाब में लिखा गया है, जिसमें उन्होंने बीते साल चार मार्च को ओबीसी के ज्वाइंट खाता में से सिंगल हस्ताक्षर कर दूसरे बैंक के खाते में करीब 20.20 करोड़ स्थानांतरण के संबंध में सात दिनों के अंदर जवाब मांगा था. मामला राज्य सरकार तक पहुंच चुका है. इस पूरे प्रकरण में बैंक प्रबंधन सबसे ज्यादा विवादों में है.
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एनएचएआइ व भू-अर्जन विभाग का विवाद, अब सूद के 10 करोड़ पर शुरू हुआ विवाद
मुजफ्फरपुर: एनएच-77 (हाजीपुर-मुजफ्फरपुर) के मुजफ्फरपुर जिला में भू-अर्जन को लेकर ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) के बैंक खाते में रखी राशि के स्थानांतरण को लेकर अब नया विवाद शुरू हो गया है. भू-अर्जन विभाग ने अब एनएचएआइ से पूछा है कि आखिर उसने बिना उसकी जानकारी के वर्ष 2014 में उसी बैंक खाते से दस […]
मुजफ्फरपुर: एनएच-77 (हाजीपुर-मुजफ्फरपुर) के मुजफ्फरपुर जिला में भू-अर्जन को लेकर ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) के बैंक खाते में रखी राशि के स्थानांतरण को लेकर अब नया विवाद शुरू हो गया है. भू-अर्जन विभाग ने अब एनएचएआइ से पूछा है कि आखिर उसने बिना उसकी जानकारी के वर्ष 2014 में उसी बैंक खाते से दस करोड़ रुपये सूद के रूप में अपने खाते में कैसे स्थानांतरित करवा लिये? इस संबंध में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अरविंद ठाकुर ने एनएचएआइ के परियोजना निदेशक प्रणय कुमार को गुरुवार को पत्र लिखा है.
प्रावधानों के तहत एनएच-77 के निर्माण के लिए भू-अर्जन को एनएचएआइ व जिला भू-अर्जन विभाग के संयुक्त खाते में जमा राशि का सूद एनएचएआइ को मिलना था. वर्ष 2014 में तत्कालीन जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ने बैंक के शाखा प्रबंधक को सूद की गणना कर एनएचएआइ के खाते में राशि स्थानांतरित करने का निर्देश दिया. भू-अर्जन पदाधिकारी बदल गये, लेकिन बैंक प्रबंधन की ओर से इस संबंध में कोई जवाब नहीं दिया गया.
बाद में बैंक ने 27 फरवरी 2014 को पांच करोड़ दो लाख 22 हजार 540 रुपये व तीन मार्च 2014 को पांच करोड़ रुपये एनएचएआइ के खाते में स्थानांतरित कर दिया. भू-अर्जन विभाग का आरोप है कि बैंक ने यह राशि बिना सूद का गणना किये ही स्थानांतरित कर दिया. इसको लेकर विवाद शुरू हो गया.
एनएचएआइ की मांग पर भू-अर्जन विभाग ने बीते साल नौ फरवरी को ओबीसी बैंक से सूद का फिर से हिसाब मांगा. इस बार भी जब बैंक ने हिसाब नहीं दिया तो भू-अर्जन विभाग ने कैश बुक का मिलान कर बीते साल चार मार्च को करीब 20.20 करोड़ रुपये पीएनबी बैंक में अपने खाता में स्थानांतरित करवा लिया.
पहले एनएचएआइ ने सूद के रूप में बिना विभाग को सूचना दिये दस करोड़ अपने खाता में स्थानांतरित करवा लिया था. बैंक प्रबंधन से इस संबंध में जानकारी भी मांगी गयी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. ऐसे में अब एनएचएआइ से इसका जवाब मांगा गया है. इस संबंध में परियोजना निदेशक को पत्र भेजा गया है.
अरविंद ठाकुर, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी
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