मुजफ्फरपुर : लॉ कॉलेज ने भारत वीर कोष में दिये एक लाख रुपये

Updated at : 03 Mar 2019 5:32 AM (IST)
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मुजफ्फरपुर : लॉ कॉलेज ने भारत वीर कोष में दिये एक लाख रुपये

मुजफ्फरपुर : श्रीकृष्ण जुबली लॉ काॅलेज के प्राचार्य जयंत कुमार ने शनिवार को भारत वीर कोष में एक लाख तीन हजार 40 रुपये दिये. उन्होंने पत्रकारों से बताया कि यह चेक सीआरपीएफ के मुख्यालय को भेजा जायेगा. उन्होंने कहा कि 14 फरवरी को हुए पुलवामा हमले के बाद काॅलेज के छात्रों व शिक्षकों ने आक्रोश […]

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मुजफ्फरपुर : श्रीकृष्ण जुबली लॉ काॅलेज के प्राचार्य जयंत कुमार ने शनिवार को भारत वीर कोष में एक लाख तीन हजार 40 रुपये दिये. उन्होंने पत्रकारों से बताया कि यह चेक सीआरपीएफ के मुख्यालय को भेजा जायेगा. उन्होंने कहा कि 14 फरवरी को हुए पुलवामा हमले के बाद काॅलेज के छात्रों व शिक्षकों ने आक्रोश मार्च भी निकाला था. मौके पर बीएम आजाद, राजीव कुमार, डॉ एसपी चौधरी, प्रो प्रभात किशोर, यूएन पांडेय, केकेएन तिवारी, पीके सदन, आरए सहाय, अर्चना अनुपम मौजूद थीं.
बेगूसराय : जम्मू कश्मीर में बिहार के बेगूसराय जिला अंतर्गत बखरी प्रखंड के एक और बेटे ने देश की रक्षा में अपनी जान की आहुति दे दी है. उक्त जवान बखरी प्रखंड के बगरस ध्यान चक्की गांव निवासी स्व चक्रधर प्रसाद सिंह के पांच बेटे में सबसे छोटे बेटे पिंटू सिंह थे.
शुक्रवार की शाम उत्तरी कश्मीर के बाबू गूंड के हंदवारा में आतंकियों के मुठभेड़ में वे शहीद हो गये. शहीद पिंटू कुमार सिंह के भाई मिथिलेश सिंह ने बताया कि हम लोगों को कुछ पता नहीं था. पिंटू सीआरपीएफ में इंस्पेक्टर पद पर हंदवारा में नौकरी कर रहा था. उसके एक दोस्त ने हंदवारा से फेसबुक पर एक पोस्ट डाला कि मेरा दोस्त आतंकवादी मुठभेड़ में शहीद हो गया. इस पोस्ट को देखते ही भाई मिथिलेश ने शुक्रवार देर रात उत्तरी कश्मीर कंट्रोल रूम फोन लगाया. बेचैन परिवार लगातार कंट्रोल रूम के संपर्क में रहे. शनिवार सुबह लगभग सात बजे फिर कंट्रोल रूम से संपर्क किया गया तो वहां से बताया गया कि एक सीआरपीएफ इंस्पेक्टर जो आतंकवादी से लोहा लेते हुए मुठभेड़ में शहीद हो गये. जिसका नाम पिंटू कुमार सिंह है.
इस सूचना के मिलते ही घर परिवार में जहां कोहराम मच गया है वहीं पूरे इलाके में मातमी सन्नाटा पसर गया है. लोग जवान के शव के पैतृक आवास तक पहुंचने की प्रतीक्षा कर रहे हैं.
पांच भाई-बहन में सबसे छोटे थे शहीद पिंटू
बखरी : देश की रक्षा में शहीद बखरी के लाल पिंटू अपने मां पिता को कुछ साल पूर्व ही खो चुके हैं . पिंटू के बड़े भाई अमलेश सिंह ने बताया कि पिंटू पांच भाई एक बहन में सबसे छोटे थे और घर में सबसे दुलारे थे .वह दो हजार नौ में सीआरपीएफ के पद पर नौकरी ज्वाइन किया. नौकरी के बाद उसकी शादी खगड़िया जिले के सबदल में 2011 में अंजू देवी के साथ हुई. पिंटू को मात्र एक 6 वर्ष की पुत्री पिहू कुमारी है जो अपनी मम्मी के साथ मुजफ्फरपुर में नाना-नानी के साथ रहती है.
पति की शहादत के बाद पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल: शहीद पिंटू की पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल है. उनकी मांग है कि अब कितने हमारे जवानों की बलि पाकिस्तान लेगा. हम सरकार से गुहार करते हैं कि हमारे पति का बदला भारत सरकार ले तभी हमारी आत्मा को शांति मिलेगी. यह कह कर अंजू रो-रो कर बेहोश हो जाती है.
निकाला गया तिरंगे के साथ आक्रोश मार्च : शनिवार की सुबह शहादत की सूचना मिलते ही पिंटू के गांव के लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर प्रखंड क्षेत्र में आक्रोश मार्च निकाला. भारी संख्या में मौजूद लोगों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद, वीर पिंटू अमर रहे आदि नारे लगाये जा रहे थे.
इस दौरान पंचायत के मुखिया अहिल्या देवी, पूर्व मुखिया सरोजनी भारती, दिलीप यादव, लोजपा परखंड अध्यक्ष नरेश पासवान, पंकज पासवान, भाजपा के पवन सिंह, अमरनाथ पाठक सहित क्षेत्र के सैकड़ों लोग उमड़ रहे थे.
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