मुजफ्फरपुर/दिल्ली : राजू सिंह सात दिनों के रिमांड पर पत्नी और कर्मचारी भी गिरफ्तार

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 04 Jan 2019 8:19 AM

विज्ञापन

मुजफ्फरपुर/दिल्ली : दक्षिणी दिल्ली के फतेहपुर बेरी स्थित रोज फार्म में 31 दिसंबर की रात न्यू इयर पार्टी में हुई फायरिंग मामले के आरोपित पूर्व विधायक राजू सिंह को पुलिस ने सात दिनों के रिमांड पर लिया है. उधर, पुलिस ने इसी मामले में राजू सिंह की पत्नी रेणु सिंह को तथा उनके एक कर्मचारी […]

विज्ञापन
मुजफ्फरपुर/दिल्ली : दक्षिणी दिल्ली के फतेहपुर बेरी स्थित रोज फार्म में 31 दिसंबर की रात न्यू इयर पार्टी में हुई फायरिंग मामले के आरोपित पूर्व विधायक राजू सिंह को पुलिस ने सात दिनों के रिमांड पर लिया है. उधर, पुलिस ने इसी मामले में राजू सिंह की पत्नी रेणु सिंह को तथा उनके एक कर्मचारी रामिन्द्र सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया है.
इन दोनों पर वारदात के बाद घटनास्थल से सबूत मिटाने का इल्जाम है. फार्म हाउस में हुई फायरिंग में घायल अर्चना गुप्ता की गुरुवार को हुई मौत के बाद राजू सिंह की परेशानी बढ़ गयी है.
राजू को बुधवार को कुशीनगर से गिरफ्तार किया गया था. गुरुवार को उन्हें दिल्ली स्थित साकेत कोर्ट में पेश किया गया. पुलिस ने पूछताछ के लिए सात दिनों के रिमांड पर लिया है. उनके चालक सह अंगरक्षक हरि सिंह को भी पुलिस ने रिमांड पर लिया है. इसके पहले राजू सिंह व हरिसिंह की पुलिस ने सुबह में एम्स में मेडिकल जांच करायी.
आरोपी के वकील ने कोर्ट में कहा कि लाईसेंसी पिस्टल से गोली चलायी गयी थी, जानबूझकर कर नही, बल्कि गोली एक्सीडेंटअल चल गयी. उनका कहना था कि सात दिन का रिमांड नही बनता. इस पर पुलिस ने कहा कि अभी कई तरह के जांच करने हैं. कपड़े बरामद करने हैं.
कुशीनगर आने-जाने में ही चार दिन का समय लगेगा. इसके अलावा उन लोगों से भी पूछताछ करनी है जो उस समय पार्टी में मौजूद थे. दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने राजू सिंह और उसके ड्राइवर को सात दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया.
इस मामले में अब तक राजू सिंह समेत चार की गिरफ्तारी हो चुकी है. दक्षिणी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त देवेश श्रीवास्तव ने कहा लंबा रिमांड लेने के पीछे कई वजह हैं. उनसे पूछताछ कर पूरी घटना की जानकारी ली जायेगी. न्यू इयर पार्टी के आयोजन से लेकर गिरफ्तारी तक की कड़ियों को एक दूसरे से जोड़ा जायेगा.
अभी तक छह-सात लोग अपने बयान में राजू सिंह द्वारा घटना के वक्त फायरिंग करने की बात को स्वीकार चुके हैं. विशेष पुलिस आयुक्त, कानून एवं व्यवस्था (दक्षिण) आरपी उपाध्याय ने कहा कि राजू जिस कार से फरार हुआ था, उससे एक पिस्तौल और राइफल जब्त की गयी है.
राजू सिंह ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात
हैंड वॉश के लिए जिस वक्त पूर्व विधायक को ले जाया गया था, उसी वक्त इसी बिल्डिंग में अर्चना के शव का पोस्टमार्टम भी चल रहा था. पीड़ित परिजन यहां पहुंचे हुए थे. सूत्रों का कहना है कि इधर टेस्ट के दौरान आरोपी ने पीड़ित परिवार से कुछ देर बात भी की, हालांकि सीनियर पुलिस अफसर ने इस बात का खंडन किया है. पुलिस अफसर का दावा है कि आरोपी को पीड़ित परिवार से नहीं मिलने दिया गया.
राजू की पत्नी रह चुकी है एमएलसी
आरोपी पूर्व विधायक की पत्नी रेणु सिंह निर्दलीय चुनाव लड़कर एमएलसी बनी थीं. वह पूर्वी चंपारण से पंचायती राज कोटे से चुने जाने वाली एमएससी सीट पर जीती थीं. राजू सिंह के पिता उदय प्रताप सिंह पारु प्रखंड के आनंदपुर खरौनी पंचायत के कई बार मुखिया भी रह चुके हैं.
पुलिस पता लगा रही
  • क्या राजू का इरादा फायरिंग के बहाने अर्चना की हत्या करना था
  • डांस फ्लोर पर कोई विवाद तो नहीं हुआ था
  • घटना के समय कुल कितने राउंड फायर किये गये
  • अर्चना को लगी गोली किस पिस्टल से चली थी.
अर्चना गुप्ता के परिजन करेंगे अंगदान
अर्चना के परिजनों ने पुलिस व अस्पताल प्रशासन को मंगलवार को ही जानकारी दी थी कि अगर अर्चना गुप्ता (48) की मौत हो जाती है, तो उसके अंग दान किये जायेंगे. अर्चना को लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था. अर्चना गुप्ता के पति विकास गुप्ता का रियल एस्टेट का बिजनेस है.
पूर्व एमएलसी रेणु पर साक्ष्य मिटाने का आरोप
31 दिसम्बर की देर रात से फॉर्टिज अस्पताल में भर्ती अर्चना गुप्ता आखिरकार गुरुवार को जिंदगी की जंग हार गयी. सुबह उनकी मौत हो गयी. वह तीन दिनों से आईसीयू में वेंटीलेटर पर थीं. सिर में गोली फंसे होने की वजह से शुरू से ही उनके बचने की संभावना कम थी.
अर्चना की मौत के बाद अब इस केस में धारा 302 (हत्या) को भी जोड़ा जायेगा. दिल्ली पुलिस ने हत्या की धारा जोड़ने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया है. इसके पहले राजू के खिलाफ धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया गया था. आरोप है कि घटना के बाद राजू की पत्नी रेणु सिंह ने घटनास्थल से खून के धब्बे वगैरह को धोया और साक्ष्य मिटाने की कोशिश की.
सबूत जुटाने को दोनों के कराये गये हैंड वॉश
एम्स मार्चरी के फॉरेसिंक डिपार्टमेंट में राजू सिंह व हरिसिंह के हैंड वॉश कराये गये. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जो गोली चलाता है ,उसके हाथ में गन पाउडर लग जाती है. कई बार हाथ धोने के बाद भी उस पाउडर के नमूने हाथ में लगे रह जाते हैं. हाथ एक विशेष केमिकल से धुलवाये जाते हैं, जिसमें वह पाउडर अपना रंग छोड़ देता है. बाद में उसी केमिकल को एफएसएल जांच के लिए भिजवाया जाता है. इस टेस्ट की रिपोर्ट केस को मजबूत बनाती है.
जदयू छोड़ हम व फिर भाजपा में गये थे राजू
पटना. जदयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा है कि राजू सिंह उनकी पार्टी में नहीं हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव आने के बाद राजू सिंह तत्कालीन मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के खेमे में शामिल हुए और बाद में उनकी पार्टी हम मैं शामिल हो गये.
उन्होंने कहा कि जब 2015 के विधानसभा चुनाव में वह भाजपा से चुनाव लड़े और राजद उम्मीदवार से हार गये. फिर राजू सिंह कभी जदयू में वापस नहीं आए और भाजपा के ही सक्रिय सदस्य बने रहे.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन