एक वर्ष में 248 अपराधियों को मिली सजा

Updated at :03 Feb 2017 1:32 AM
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एक वर्ष में 248 अपराधियों को मिली सजा

दो वर्ष से कम सजा पाने वालों की संख्या 163 मुंगेर : मुंगेर पुलिस की सक्रियता के कारण पिछले एक वर्ष में कुल 109 मामलों में अब तक 248 अपराधियों को न्यायालय से सजा मिली है. इसमें एक आरोपित को एक बालक की नृशंस हत्या के मामले में जहां सजा-ए-मौत मुकर्रर की गयी है. वहीं […]

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दो वर्ष से कम सजा पाने वालों की संख्या 163

मुंगेर : मुंगेर पुलिस की सक्रियता के कारण पिछले एक वर्ष में कुल 109 मामलों में अब तक 248 अपराधियों को न्यायालय से सजा मिली है. इसमें एक आरोपित को एक बालक की नृशंस हत्या के मामले में जहां सजा-ए-मौत मुकर्रर की गयी है. वहीं हत्या के मामले में 23 अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा दी गयी है. लेकिन जिस बालक की हत्या के मामले में एक आरोपित को फांसी की सजा सुनायी गयी. उसके उस कांड के अन्य आरोपितों की अब तक गिरफ्तारी भी नहीं हो पायी है.
आपराधिक मामलों में पुलिस की सक्रियता के कारण जहां आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल के सलाखों के पीछे भेजा जा रहा है. वहीं ससमय न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित कर अपराधियों को सजा दिलाने की दशा में मुंगेर पुलिस काफी दिलचस्पी ले रही है. इस कारण न्यायालय में चल रहे आपराधिक मामलों में अनुसंधानकर्ता पुलिस पदाधिकारी एवं गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित की जा रही और उसके आधार पर आरोपियों को सजा मिल रही है.
वर्ष 2016 में जनवरी से दिसंबर तक न्यायालय ने कुल 109 मामलों में 248 आरोपितों को दोषी माना और उसे सजा सुनायी. जिसमें फांसी के एक आजीवन कारावास के 23 तथा 10 वर्ष से अधिक सजा पाने वाले दस लोग शामिल हैं. जबकि दस वर्ष से कम सजायाफ्ता आरोपितों की संख्या 51 तथा दो वर्ष से कम सजा पाने वालों की संख्या 163 है. गत वर्ष जुलाई एवं अगस्त में न्यायालय ने सर्वाधिक 39-39 आरोपितों को दोषी पाया था. जिसमें दो को आजीवन कारावास एवं नौ को दस वर्ष से अधिक की सजा दी गयी.
कहते हैं पुलिस अधीक्षक
पुलिस अधीक्षक आशीष भारती ने कहा कि मुंगेर पुलिस अपराधियों को सजा दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. ताकि अपराधियों के मनोबल को कुचला जा सके. अनुसंधानकर्ता को भी समय पर न्यायालय के आदेश पर अनुसंधान संबंधी कागजात उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.
वर्ष 2016 में किसकों मिली कितनी सजा
महीना कुल वाद दोषसिद्ध/सजायाप्ता आजीवन कारावास
जनवरी 11 19 03
फरवरी 08 20 03
मार्च 13 21 01
अप्रैल 06 21 02
मई 14 20 03
जून 04 08 01
जुलाई 14 39 01
अगस्त 11 39 01
सितंबर 07 20 07
अक्तूबर 06 12 00
नवंबर 10 20 01
दिसंबर 05 09 00
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