नहीं मिले सेवांत लाभ व पेंशन

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 03 Jun 2016 5:43 AM

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मुंगेर : मुंगेर नगर निगम के लगभग डेढ़ सौ सेवानिवृत्त कर्मचारियों को न सेवांत लाभ मिल रहा और न ही पेंशन. अवकाश ग्रहण करने के बाद ये कर्मचारी मुंगेर नगर निगम से लेकर नगर विकास विभाग व पटना हाइ कोर्ट तक दौड़ लगा कर थक चुके हैं. हाइ कोर्ट ने इस मामले में कर्मियों को […]

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मुंगेर : मुंगेर नगर निगम के लगभग डेढ़ सौ सेवानिवृत्त कर्मचारियों को न सेवांत लाभ मिल रहा और न ही पेंशन. अवकाश ग्रहण करने के बाद ये कर्मचारी मुंगेर नगर निगम से लेकर नगर विकास विभाग व पटना हाइ कोर्ट तक दौड़ लगा कर थक चुके हैं. हाइ कोर्ट ने इस मामले में कर्मियों को सेवांत लाभ देने का निर्देश दिया था.

किंतु अबतक नगर निगम प्रशासन अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को कोई सुविधा प्रदान नहीं कर रही. सेवानिवृत्त कर्मियों ने अपने सेवांत लाभ को लेकर पटना उच्च न्यायालय में कई मामले दायर किये. साथ ही जनहित याचिका के माध्यम से भी इस मामले में न्यायालय ने आदेश पारित किया. एलपीए 960/2007 में बिहार सरकार बनाम भूषण एवं अन्य में पटना उच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट आदेश दिया कि नगरपालिका के सेवानिवृत्त कर्मचारियों का पेंशन भुगतान एवं सेवांत लाभ की जिम्मेवारी नगर निकाय की है.

यदि नगर निकाय आर्थिक कमजोरी की हालत में हो तो सरकार से सहयोग प्राप्त कर सेवांत एवं पेंशन का भुगतान 1986 के प्रभाव से करें. लेकिन मुंगेर नगर निगम द्वारा अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को कोई राहत नहीं दी गयी है. निगम प्रबंधन उच्च न्यायालय के आदेश को भी ठेंगा दिखा रहा.

पीएफ से निराशा के बाद पेंशन पर आस : नगर निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारियों का हाल बदहाल है. कर्मियों को कार्य के दौरान न तो पीएफ की राशि का भुगतान किया गया और सेवानिवृत्त होने के बाद पेंशन का ही भुगतान किया जा रहा. अब कर्मचारी निगम कार्यालय से घर और घर से निगम कार्यालय का चक्कर लगाते-लगाते थक चुके हैं.
कर्मियों का निगम द्वारा पीएफ मद में राशि जमा नहीं की गयी और वह राशि तत्कालीन नगर परिषद द्वारा ही गटक लिया गया. इसके बदले में कर्मचारियों का खाता भी खोला गया और मात्र तीन वर्ष का पीएफ मद में राशि जमा किया गया.इस कारण निगम के सफाइकर्मियों को आजतक पेंशन का भुगतान नहीं हो पाया है.
राशि के अभाव में हो चुकी है मौत: अवकाश ग्रहण करने के बाद पीएफ व पेंशन की आस में दर्जन भर कर्मियों की मौत हो चुकी है. सेवानिवृत्त कर्मी सोनिया मेहतरानी, रामखेलावन मंडल की मौत हाल के महीने में पैसे व इलाज के अभाव में हो गयी. इससे पूर्व भी कई कर्मचारियों की मौत हो चुकी है. इसके साथ ही अवकाश प्राप्त कर्मी अमर राय, मो. जसीम उद्दीन, बसमतिया मेहतरानी ने कहा कि उन लोगों का जीवन नरक बन गया है.
पीएफ का किया गबन: बिहार लोकल बॉडीज इंप्लाइज फेडरेशन मुंगेर इकाई के अध्यक्ष ब्रह्मदेव मंडल ने कहा कि नगर निगम द्वारा पीएफ मद की राशि का गबन कर लिया गया. जिसके कारण पेंशन का भुगतान आजतक कर्मियों को नहीं किया गया. इसके लिए बार-बार निगम में आवेदन भी दिया.
लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गयी. ब्रह्मदेव मंडल ने कहा कि सेवांत लाभ के लिए वर्ष 2011-12 से मुंगेर नगर निगम को राज्य सरकार द्वारा आर्थिक सहयोग राशि आवंटित होती रही है. वित्तीय वर्ष 2011-12 में 1 करोड़ 39 लाख 64 हजार 598 तथा 2012-13 में 2 करोड़ 1 लाख 20 हजार 480 रुपये निगम को प्राप्त हुआ. बावजूद सेवानिवृत्त कर्मियों को राशि का भुगतान नहीं किया गया.
कहते हैं नगर आयुक्त: नगर आयुक्त एसके पाठक ने कहा कि न्यायालय के आदेश का अध्ययन करने के बाद मामले की जांच की जायेगी और नियम संगत कार्रवाई की जायेगी.
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