सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों को अब बाहर से नहीं खरीदनी पड़ेगी दवाएं
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :30 Mar 2018 6:06 AM (IST)
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ओपीडी व आइपीडी की दवाओं की संख्या में हुई बढ़ोतरी सिविल सर्जन ने इसके लिए जारी किया पत्र मुंगेर : सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने पहुंचने वाले मरीजों को अब आवश्यक दवाओं के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा. मरीजों के लिए अब सभी दवाएं अस्पताल में ही उपलब्ध रहेगी़ यहां तक कि कैंसर, डायबिटीज सहित […]
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ओपीडी व आइपीडी की दवाओं की संख्या में हुई बढ़ोतरी
सिविल सर्जन ने इसके लिए जारी किया पत्र
मुंगेर : सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने पहुंचने वाले मरीजों को अब आवश्यक दवाओं के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा. मरीजों के लिए अब सभी दवाएं अस्पताल में ही उपलब्ध रहेगी़ यहां तक कि कैंसर, डायबिटीज सहित अन्य जीवनरक्षक दवाएं मरीजों को सरकारी अस्पताल में मिल सकेगी़ मरीजों को आवश्यक दवाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराने के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है़ जिसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने अब ओपीडी तथा आइपीडी में मिलने वाली दवाओं की संख्या में बढ़ोतरी करने का निर्णय ले लिया है तथा सिविल सर्जन को इसके लिए पत्र भी जारी कर दिया है़
कैंसर व डायबिटीज की भी मिलेगी दवा: स्वास्थ्य विभाग ने टेक्निकल कोर कमेटी के सदस्यों के अनुभव के आधार पर आवश्यक दवाओं की सूची में बढ़ोतरी करते हुए कैंसर, डायबिटीज सहित अन्य जीवनरक्षक दवाओं का समावेशन कर दिया है़ साथ ही दवाओं को पुनर्व्यवस्थित कर नयी आवश्यक दवाओं की सूची जारी की गयी है़ जिसका बुधवार को पटना में विधिवत उद्घाटन भी कर दिया गया़ अब जिले में भी जल्द से जल्द सूचीबद्ध दवाओं की खरीदारी के लिए टेंडर की प्रक्रिया आरंभ की जायेगी तथा सदर अस्पताल सहित अनुमंडलीय अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दवा उपलब्ध करायी जायेगी़ ओपीडी में 71 व आइपीडी में होंगी 131 प्रकार की दवाएं
जिला अस्पताल के बाह्य रोगी कक्ष में पूर्व में कुल 33 प्रकार की दवाएं उपलब्ध रहती थी़ किंतु अब ओपीडी के लिए कुल 71 प्रकार की दवा निर्धारित की गयी है़ वहीं अंतर्वासी रोगी कक्ष के लिए जहां पूर्व में कुल 112 प्रकार की दवा उपलब्ध करायी जा रही थी़ वहीं अब आइपीडी में कुल 148 प्रकार की दवाएं उपलब्ध रहेगी़ इसके अलावा अनुमंडलीय अस्पतालों में ओपीडी के लिए 58 तथा आईपीडी के लिए 95 प्रकार की दवाएं उपलब्ध रहेगी़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व रेफरल अस्पतालों के ओपीडी के लिए 55 तथा आइपीडी के लिए 88 प्रकार की दवाएं निर्धारित की गयी है़ वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के ओपीडी में अब 50 तथा आइपीडी में 61 प्रकार की दवा सुनिश्चित की गयी है़ जिससे अब मरीजों को आवश्यक दवाएं बाहर से नहीं खरीदनी पड़ेगी़
13,482 किसानों के 9,836 हेक्टेयर में लगी मक्के की फसल में दाना नहीं
रूपौली से कुछ शिकायत आयी है. वहां जांच के निर्देश दे दिये गये हैं. मक्के की खेतों का सर्वे व जियो टैगिंग के बाद 13 करोड़ से अधिक का डिमांड क्षतिपूर्ति मद में भेजा गया है. वाजिब हकदारों को ही लाभ दिया जायेगा.
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