नक्सली करवा रहे पत्थर का उत्खनन

Published at :04 Oct 2017 4:09 AM (IST)
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नक्सली करवा रहे पत्थर का उत्खनन

मुंगेर : धरहरा के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में रोक के बावजूद बड़े पैमाने पर पत्थर का कारोबार फल-फूल रहा है. नक्सली संगठन अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए बृहत तौर पर पहाड़ों को तोड़ रहे हैं. पूरा कारोबार रात के अंधेरे में चलता है. सूर्य की रोशनी निकलने से पूर्व ही कारोबार को […]

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मुंगेर : धरहरा के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में रोक के बावजूद बड़े पैमाने पर पत्थर का कारोबार फल-फूल रहा है. नक्सली संगठन अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए बृहत तौर पर पहाड़ों को तोड़ रहे हैं. पूरा कारोबार रात के अंधेरे में चलता है. सूर्य की रोशनी निकलने से पूर्व ही कारोबार को समेट लिया जाता है. इस कारोबार को स्थानीय पुलिस का भी संरक्षण प्राप्त है. पूरे मामले से प्रतित होता है कि नक्सली, पत्थर माफिया एवं पुलिस की गठजोड़ से यह कारोबार संचालित हो रहा है. जिसके कारण एक ओर जहां सरकारी निर्देशों की धज्जियां उड़ रही है, वहीं सरकार के राजस्व की भी क्षति हो रही है.

रात के अंधेरे में पहाड़ों से तोड़े जा रहे पत्थर : नक्सल प्रभावित लड़ैयाटांड थाना क्षेत्र के लकड़कोला, सतघरवा, बंगलवा, गौरेया एवं सखौल पहाड़ से पत्थर तोड़े जा रहे है. शाम सात बजे के बाद पत्थर उत्खनन, ढुलाई एवं भंडारण का खेल चलता है. पहाड़ पर नक्सली संगठन के प्रतिनिधि द्वारा पत्थर को तोड़ने का काम किया जाता है. जबकि पत्थर माफिया नक्सलियों द्वारा तोड़े गये पत्थर को ट्रैक्टर से ढुलाई कर निर्धारित स्थान पर पहुंचा दिया जाता है.
कहा जाता है कि पहाड़ पर एक ट्रैक्टर पत्थर 1500 रुपया में मुहैया कराया जाता है. जिसे प्रखंड में 3000 में बेचा जाता है. शाम सात बजे से पत्थर ढुलाई का काम प्रारंभ होता है. जो सुबह के अंधेरे तक बदस्तूर जारी रहता है. पत्थर माफिया इन पत्थरों को निर्धारित स्थानों पर अंधेरे में ही डंप कर देते हैं. पहाड़ों से पत्थर को ट्रैक्टर से पचरूखी गांव होते हुए निर्धारित स्थानों पर पहुंचाया जाता है.
होती रहती है निगरानी : पत्थर माफिया द्वारा स्थानीय स्तर पर थाना-पुलिस को मैनेज कर कारोबार को अंजाम दिया जाता है. बावजूद इसके मुंगेर पुलिस की विशेष टीम एवं बड़े अधिकारियों पर निगरानी रखा जाता है. इसके लिए धरहरा थाना के समीप, धरहरा बाजार एवं दशरथपुर चौक पर निगरानी के लिए महीने पर युवकों को तैनात किया गया है. जो वरीय अधिकारियों के वाहनों के धरहरा सीमा में प्रवेश के साथ ही पत्थर माफिया को सूचित कर देता है.
कहते हैं पुलिस अधीक्षक
पुलिस अधीक्षक आशीष भारती ने कहा कि पत्थर उत्खनन पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत काम किया जा रहा है. अगर इसमें किसी भी थानेदार व पुलिस कर्मियों की संलिप्तता सामने आती तो उसके खिलाफ तत्काल ही निलंबन की कार्रवाई सुनिश्चित है. पत्थर उत्खनन एवं ढुलाई के खिलाफ लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है.
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