बेनीपुर अांबेडकर चौक के पास हुई घटना

Updated at :07 Mar 2017 6:00 AM
विज्ञापन
बेनीपुर अांबेडकर चौक के पास हुई घटना

बाइक सवार एक युवक की हालत गंभीर, भरती एक ही बाइक पर सवार होकर बरात से लौट रहे थे तीनों युवक आक्रोशित लोगों ने पांच घंटे तक जाम रखी मुख्य सड़क राजनगर में बैलगाड़ी से निकली बरात बरहारा से तारापट्टी गयी लालू मंडल की बरात शादी में कम खर्च लगा और पर्यावरण की भी हुई […]

विज्ञापन

बाइक सवार एक युवक की हालत गंभीर, भरती

एक ही बाइक पर सवार होकर बरात से लौट रहे थे तीनों युवक
आक्रोशित लोगों ने पांच घंटे तक जाम रखी मुख्य सड़क
राजनगर में बैलगाड़ी से निकली बरात
बरहारा से तारापट्टी गयी लालू मंडल की बरात
शादी में कम खर्च लगा और पर्यावरण की भी हुई रक्षा
राजनगर (मधुबनी) : बरहारा गांव के लालू मंडल की बारात जब बैलगाड़ी से तारापट्टी के लिए निकली, तो लोगों को दशकों पुरानी परंपरा याद आने लगी. कैसे बचपन में शादियों के लिए बैलगाड़ियों के अलावा कोई साधन नहीं था, लेकिन जमाना बदल गया है. अब शादियों में गाड़ियों का काफिला होता है. रंग-बिरंगी रोशनी के बीच डीजे की आवाज गूंजती है, लेकिन लालू मंडल ने अपनी शादी में कुछ अलग करने की सोची और कर दिखाया. बैलगाड़ियों से निकली बारात में खर्चा तो बचा ही. साथ ही पर्यावरण की भी रक्षा हुई, जिसने भी सुना वो प्रभावित हुये बिना नहीं रह पाया.
लालू मंडल दिल्ली की एक निजी कंपनी में काम करते हैं. इनकी शादी तारापट्टी प्रियंका के साथ रविवार की रात हुई. लालू मंडल के पिता बासो मंडल ने बताया कि शादी की तारीख नजदीक आयी, तो हम लोगों ने सोचा गाड़ियां कर ली जायें. प्रयास शुरू किया,
राजनगर में बैलगाड़ी
तो गाड़ीवाले ज्यादा रुपये मांग रहे थे. कोई तीन, तो कोई चार हजार की मांग कर रहा था. इसी बीच हमारे बेटे ने बैलगाड़ी से बारात ले जाने की इच्छा जाहिर की, जो हमें भी अच्छा लगा. गांव के लोगों में चर्चा की, तो सबने कहा कि तीस साल बाद ऐसा होगा.
लालू मंडल ने जब बैलगाड़ियों की खोज शुरू की, तो ग्रामीणों को लगा कि बाजार से कुछ सामान लाना होगा, लेकिन जब लालू ने बारात ले जाने की बात कही, तो लोग रोमांचित हुये. शादी में सौ बाराती जाने थे. इस वजह से एक दर्जन बैलगाड़ियों की जरूरत थी. गांव में इतनी बैलगाड़ी नहीं थी, सो लालू मंडल ने आसपास के गांवों में लोगों से संपर्क किया. बैलगाड़ियों की इंतजाम हुआ, तो बैलों को सजाने का काम शुरू हुआ. लाल कपड़े खरीदे गये. शादी के लिए बना स्टीकर बैलों के सींग में लगाया गया. बारात निकली, तो अलग ही माहौल दिखा. आगे दूल्हे की बैलगाड़ी थी, तो पीछे बाराती भी बैलगाड़ियों पर.
बैलगाड़ियों पर लगभग दस हजार का खर्च आया, जबकि सौ बाराती ले जाने के लिए दस वाहन भी लगते, जिन पर लगभग 40 हजार रुपये खर्च होते. इससे लगभग 20 से 25 हजार रुपये की बचत हुई. साथ ही पर्यावरण की भी रक्षा हुई. लालू ने बताया कि जिन रास्तों से होकर हमारी बरात निकली. लोग देखने के लिए सड़क पर आ गये. ग्रामीणों ने लालू मंडल की संस्कृति को बचाने की पहल को सराहनीय बताया.
दशकों पुरानी परंपरा को सभी ने सराहा
सज-धज कर निकली बैलगाड़ी. बैल के सींग पर शादी का पोस्टर लगाया गया.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन