कागज तक सिमटा निर्देश, सड़क पर अनदेखी
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :24 Jan 2017 5:21 AM
विज्ञापन

नियम की उड़ रहीं धज्जियां, खतरनाक तरीके से हो रहा वाहनों का परिचालन न रूका मोटर ठेला का परिचालन, ओवरलोडिंग रोकने की भी पहल नहीं मधुबनी : परिवहन विभाग की चेतावनी महज कागज तक या लोगों को सुनाने तक की खानापूरी पर ही सिमट कर रह गयी है. कई ऐसे आदेश हैं जिसे विभाग ने […]
विज्ञापन
नियम की उड़ रहीं धज्जियां, खतरनाक तरीके से हो रहा वाहनों का परिचालन
न रूका मोटर ठेला का परिचालन, ओवरलोडिंग रोकने की भी पहल नहीं
मधुबनी : परिवहन विभाग की चेतावनी महज कागज तक या लोगों को सुनाने तक की खानापूरी पर ही सिमट कर रह गयी है. कई ऐसे आदेश हैं जिसे विभाग ने बीते एक दो माह में सख्ती से लागू करने के आदेश दिये थे. पर सौ फीसदी लागू होने की बात तो दूर एक भी निर्देश पर पहल की कोशिश तक नहीं की गयी है. वह चाहे निजी स्कूलों के वाहनों के पीला करने, बसों पर चालकों के नाम व नंबर देने, नावालिग राईडिंग की बात हो या फिर अवैध रूप से परिचालित हो रहे मोटर ठेला – रिक्शा पर ही कोई कार्रवाई हो सकी है.
नहीं दिया गया है वाहन चालक का नंबर : बसैठ बस हादसा के बाद अब तक सबंधित बस चालक का सुराग नहीं लग सका. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल तो प्रशासन व विभाग ने यह निर्देश जारी कर दिया कि हर बस पर चालक का नाम व नंबर अंकित करना होगा. पर आज तक इस पर अमल नहीं हो सका. घटना के बाद से धीरे- धीरे प्रशासन इस पहल को नजर अंदाज करती गयी. बस मोटर चालक संघ से मिली जानकारी के अनुसार स्थानीय स्तर पर करीब पचास बस का परिचालन विभिन्न रूट पर किया जाता है. जिन पर चालकों का नंबर व नाम अंकित है. पर बाहरी बस मालिक बार – बार कहने के बाद भी बस पर चालक का नंबर व नाम नहीं प्रदर्शित कर रहे है. संघ के अध्यक्ष मुन्ना ठाकुर बताते हैं कि इस समस्या से जिला पदाधिकारी व परिवहन विभाग को आवेदन देकर अवगत कराया जा चुका है. बीते दिनों सड़क सुरक्षा सप्ताह को लेकर कई मुद्दों पर बात हुई. इसमें नावालिग राईडिंग को लेकर भी चिंता जतायी गयी. कहा गया कि जो नावालिग मोटरसाईकिल चलाते हुए पकड़े जायेंगे उनके अभिभावक से आर्थिक दंड वसूल किया जायेगा. पर यह भी कागज व बैठक तक ही सिमट कर रह गया. किसी भी पहल पर विभागीय कार्रवाई नहीं हुई
ओवरलोडिंग भी जारी : बसैठ बस हादसा के बाद व उससे पहले भी ओवरलोडिंग पर रोक लगाने की बात होती रही. अधिकारियों ने निर्देश जारी किया. इसमें बस के छतों पर बैठने वाले यात्रियों से भी दंड की राशि वसूल करने की चेतावनी दी गयी. नियम व निर्देश धड़े रह गये. आज भी प्राय: रह रूट पर परिचालित हो रहे बसों पर ओवरलोडिंग किया जा रहा है.
आज भी खतरनाक तरीके से चल रहा मोटर ठेला
शहर में खतरनाक तरीके से कई माह से मोटर ठेला का परिचालन किया जा रहा है. इसका परिचालन पूरी तरह अवैध है. शहर के विभिन्न सड़कों पर हर दिन करीब पचास से अधिक मोटर ठेला परिचालित किये जा रहे हैं. किसी पर खतरनाक तरीके से सरिया लदा होता है तो किसी पर गैस सिलेंडर. किसी पर घरेलू उपयोगी सामान तो घर बनाने का सामान भी इस पर लाद दिया जाता है. इस पर रोक लगाने के लिये परिवहन विभाग ने निर्देश जारी करते हुए कहा था कि छापेमारी कर इन ठेला चालकों को पकड़ा जायेगा. आर्थिक जुर्माने के संग संग वाहन चलाने वालों के उपर कार्रवाई भी होगी. पर ना तो छापेमारी हुई ना कोई पहल. आज भी इसी प्रकार से इन मोटर ठेला वाहनों का परिचालन हो रहा है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










