पुल ध्वस्त होने से तय करनी होती लंबी दूरी

Updated:
विज्ञापन

पुल ध्वस्त होने से तय करनी होती लंबी दूरी नारायणपुर गांव के समीप कोसी प्रोजेक्ट नहर पर बना था पुल सन 2000 से है ध्वस्त विभाग नहीं दे रहा ध्यान दो प्रखंड को मिलाती है यह पुल फोटो: 8परिचय: ध्वस्त पुलझंझारपुर . जिले के दो प्रखंड को मिलाने वाली सड़क के बीच में पुल ध्वस्त […]

विज्ञापन

पुल ध्वस्त होने से तय करनी होती लंबी दूरी नारायणपुर गांव के समीप कोसी प्रोजेक्ट नहर पर बना था पुल सन 2000 से है ध्वस्त विभाग नहीं दे रहा ध्यान दो प्रखंड को मिलाती है यह पुल फोटो: 8परिचय: ध्वस्त पुलझंझारपुर . जिले के दो प्रखंड को मिलाने वाली सड़क के बीच में पुल ध्वस्त हो चुका है. लेकिन विभाग की नजर वर्षो बीत जाने के बावजूद नहीं पड़ी है. जिसका खामियाजा आसपास के दस गांव के ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है.क्या है मामलाझंझारपुर प्रखंड स्थित काको पंचायत के नारायणपुर गांव के समीप कोसी प्राेजेक्ट नहर पर लगभग 16 साल पहले पुल का निर्माण किया गया. निर्माण के कुछ ही दिन बाद 2000 ई. में आयी बाढ़ में पुल ध्वस्त हो गया. ध्वस्त पुल को पुन: जीर्णोद्धार के लिए स्थानीय स्तर पर पहल की गयी, लेकिन विभाग के आलाधिकारी के लापरवाही के कारण 16 वर्ष बीत जाने के बावजूद इसका उद्धार नहीं हो सका है. जिसके कारण आसपास के संतनगर, काको, इमादपट्टी, रामखेतारी, खैरा, नारायणपुर, निभार्पुर, विजय, सलेमपुर, आदि गांव के लोगों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. इन ग्रामीणों को दूसरेे रास्ता से सफर करना पड़ता है. जिसकी वजह से इन ग्रामीणों को लंबी दूरी का सफर तय करना पड़ रहा है. दो प्रखंड को जोड़ती यह सड़क यह सड़क झंझारपुर प्रखंड के काको, संतनगर, खैरा, रामखेतारी, बनौर सहित दर्जन भर गांव को मिलाने का करती थी. वहीं मधुबनी के पंडौल प्रखंड के विजय, सलेमपुर, बिरौल सहित आधा दर्जन गांव को मिलाने वाली सड़क है. इस सड़क के निर्माण से जिला मुख्यालय जाने में भी कम समय लगेगा.क्या कहते हैं लोगदिलीप कुमार, संतोष कुमार, प्रदीप कुमार आदि ने बताया कि कोसी प्रोजेक्ट कार्यालय राजनगर को ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों द्वारा आधा दर्जन बार आवेदन देकर ध्वस्त पड़े पुल का निर्माण कराने का आग्रह किया गया है. बावजूद विभाग ध्यान नहीं दे रही है. जिससे स्थानीय ग्रामीणों को प्रखंड मुख्यालय या जिला मुख्यालय में जाने में काफी कठिनाई का समाना करना पड़ता है. ग्रामीणों का कहना है कि विभाग ने निर्माण के समय ही पुल के निर्माण पर ध्यान नहीं दिया. जिसके कारण विभाग द्वारा नियुक्त संवेदक द्वारा जमकर धांधली किया गया. बताया कि अगर जल्द इस ध्वस्त पुल का निर्माण विभाग ने नहीं करवाया, तो ग्रामीण आक्रोशित होकर धरना प्रदर्शन करने पर बाध्य हो जायेंगे.क्या कहते हैं अधिकारी अनुमंडल पदाधिकारी जगदीश कुमार ने बताया कि दो प्रखंड के मिलाने वाली सड़क के बीचो बीच पुल ध्वस्त हो चुका है. इसकी जानकारी पदाधिकारी से ली जायेगी. तथा इसके जीर्णोद्धार के लिए वरीय पदाधिकारी को पत्र प्रेषित किया जायेगा.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन