बेपटरी हो गयी ट्रैफिक व्यवस्था
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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ट्रैफिक पोस्ट पर पुलिस के बदले लगती दुकान शहर में इन दिनों आपको ढूंढे से भी ट्रैफिक पुलिस नहीं दिखेगा. यूं तो वर्षो से शहर में ट्रैफिक पुलिस की कमी खलती रही है. पर वाहनों के बढ रहे संख्या के कारण सड़कों पर भीड़ अधिक होने व जाम लगने की समस्या से अब ट्रैफिक व्यवस्था […]
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ट्रैफिक पोस्ट पर पुलिस के बदले लगती दुकान
शहर में इन दिनों आपको ढूंढे से भी ट्रैफिक पुलिस नहीं दिखेगा. यूं तो वर्षो से शहर में ट्रैफिक पुलिस की कमी खलती रही है. पर वाहनों के बढ रहे संख्या के कारण सड़कों पर भीड़ अधिक होने व जाम लगने की समस्या से अब ट्रैफिक व्यवस्था की कमी लोगों को अधिक सता रही है. कहने को तो शहर में कई जगहों पर ट्रफिक पोस्ट भी बनाया गया. पर यह यातायात को सुचारू रूप से रखने के स्थान पर फ ुटपाथ विक्रेताओं के लिये विशेष सुविधा का स्थान बन गया है.
मधुबनी : शहर में ट्रैफिक व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है. जिला प्रशासन के उदासीन रवैया व संसाधन की कमी के कारण शहर की ट्रैफिक व्यवस्था बे – पटरी हो गयी है. जिस कारण हर दिन हर चौक चौराहा पर जाम की समस्या, वाहनों क ा सड़कों पर लगने, सड़कों पर ठेला लगा कर दुकानदारी करने की समस्या बढ़ती जा रही है.
संसाधनों की कमी
लचर ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर एक ओर आम लोगों क ी नाराजगी जिला प्रशासन के विरुद्ध है तो दूसरी ओर जिला प्रशासन संसाधन की कमी का रोना रो रही है. जिला पुलिस प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार शहर में यातायात को दुरुस्त करने के लिये मात्र दस गृह रक्षक बल को प्रतिनियुक्त किया गया है. पर इसमें से भी कुछ गृह रक्षक आये दिन अवकाश पर ही रहते हैं. जिस कारण पुलिस प्रशासन द्वारा प्रतिनियुक्त ये दस गृह रक्षक भी अपने अपने कार्य पर नहीं रहते हैं.
मिली जानकारी के अनुसार ट्रैफिक प्रभारी के पास इन दिनों वाहन भी उपलब्ध नहीं है. ऐसे में ट्रैफिक प्रभारी का पैदल इस अभियान को दुरुस्त करना निश्चय ही परेशानी भरा है. मिली जानकारी के अनुसार ट्रैफिक प्रभारी को पूर्व में आने जाने के लिये एक जीप गाड़ी दी गयी थी. पर अब उनसे वह जीप भी ले लिया गया है. जिस कारण ट्रैफिक नियंत्रण में लगे गृह रक्षकों का मोनीटरिंग सही से नहीं हो पा रहा है.
शहर में ट्रैफिक की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यातायात को नियंत्रित करने के उद्देश्य से बनाया गया ट्रैफिक पोस्ट आज लोगों को नजर भी नहीं आता, कुछ देर के लिये हर कोई यह सोचने पर विवश हो जाता है कि ट्रैफिक पोस्ट पर ट्रैफिक पुलिस रहते हैं या फिर यह पोस्ट के सामने लगे ठेला पर दुकान सजाये विक्रेताओं को सामान रखने की जगह. इसके अलावे ट्रैफिक पोस्ट के चारों ओर या तो गंदगी लगा रहता है या फिर रिक्शा ठेला वाले.
हड़ताल का असर
यातायात की लचर व्यवस्था के पीछे गृह रक्षकों का विभिन्न मांगों क ो लेकर विगत दिनों किया गया हड़ताल भी है. हड़ताल के कारण यातायात नियंत्रित करने में लगे गृह रक्षक भी काम से हट गये. जिससे यह व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो गयी. अब तक गृह रक्षक नियमित रूप से ट्रैफिक पोस्ट पर नियमित रूप से नहीं आ रहे हैं.
जाम से परेशानी
शहर में जाम की समस्या दिन व दिन बढ़ती जा रही है. इस कारण लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं. मुख्य सड़क के साथ साथ शहर के विभिन्न गलियों में भी जाम लगी रहती है. जिस कारण लोगों को हर दिन घंटों सड़क पर रूकना व फजीहत का सामना करना पड़ता है.
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