100 मरीजों की हुई जांच

Updated:
विज्ञापन

मधुबनी : पैथ लैब पर शिकंजा कसे जाने की कवायद का असर दिखने लगा है. सदर अस्पताल में जांच के लिये मरीजों को बहलाने-फुसलाने के लिये लगी भीड़ बुधवार को नहीं दिखी. बिचौलिये गायब ही रहे. इसका असर सीधे तौर पर सदर अस्पताल में जांच पर पड़ा है. सदर अस्पताल के पैथोलॉजी जांच केंद्र में […]

विज्ञापन

मधुबनी : पैथ लैब पर शिकंजा कसे जाने की कवायद का असर दिखने लगा है. सदर अस्पताल में जांच के लिये मरीजों को बहलाने-फुसलाने के लिये लगी भीड़ बुधवार को नहीं दिखी. बिचौलिये गायब ही रहे. इसका असर सीधे तौर पर सदर अस्पताल में जांच पर पड़ा है. सदर अस्पताल के पैथोलॉजी जांच केंद्र में बुधवार को एक सौ मरीजों की जांच की गयी.

आपके शहर में

विज्ञापन

वहीं एक दो मरीज ऐसे भी रहें जिनका कुछ जांच पैथोलाजी केंद्र में उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा. जिसमें रहिका निवासी 20 वर्षीय राखी देवी ने बताया कि मेरा जांच यहां किया गया है. एक जांच बाहर से करवाना था लेकिन पैथ लैब बंद होने के कारण जांच नहीं हो सका. चिकित्सक द्वारा बताया गया है कि यह जांच दो चार दिन बाद भी करा सकती है. लैब टेक्नीशियन जयराज ने बताया कि बाहर के जांच लैब बंद होने से बिचौलिये जरूर कम दिखे हैं. कहा कि यहां पर सभी का बेहतर जांच की जाती है. हालांकि एक दिन में सौ सौ मरीजों का विभिन्न जांच करने में परेशानी हो रही है. पर तत्परता से बुधवार को आसानी से जांच कर लिया गया.

बिचौलिये नहीं दिखे. सदर अस्पताल बिचौलिये का हब बना हुआ है. जहां ये अस्पताल आने वाले भोले- भाले गरीब मरीजों को विभिन्न तरह का झांसा देकर बाहर खुले पैथोलैब व अन्य जांच के लिए लेकर जाते है. जहां उक्त लैब द्वारा निर्धारित कमीशन दिया जाता है. लेकिन पैथालैव के हड़ताल के कारण बुधवार को ये नदारत रहे.
नहीं है पैथ एमडी . सदर अस्पताल में भी पैथ एमडी नहीं है. एक चिकित्सक पदस्थापित हैं. इनके पास डीसीपी की डिग्री है. हालांकि इस डिग्री को कोर्ट से मान्यता दी गयी है.
विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन