जीना चाहता है लक्ष्मण, मदद की दरकार
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :24 Apr 2017 2:13 AM (IST)
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कथित रूप से विधायक निरंजन मेहता की गाड़ी ने मार दी थी ठोकर पैसा नहीं दे पाया, तो अस्पताल ने भेज दिया घर मुरलीगंज : मौत से जिंदगी की लड़ाई रहा लक्ष्मण अब रुपये के आभाव में सिलिगुडी से वापस अपने घर पर आखरी सांसें गिन रहा है. परिवार के सदस्य रुपये के लिए दर-बदर […]
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कथित रूप से विधायक निरंजन मेहता की गाड़ी ने मार दी थी ठोकर
पैसा नहीं दे पाया, तो अस्पताल ने भेज दिया घर
मुरलीगंज : मौत से जिंदगी की लड़ाई रहा लक्ष्मण अब रुपये के आभाव में सिलिगुडी से वापस अपने घर पर आखरी सांसें गिन रहा है. परिवार के सदस्य रुपये के लिए दर-बदर भटक रहे हैं. पीड़ित लक्ष्मण की पत्नी ने अपना दुखड़ा सुनाते हुए कहा कि अब तो लोग हमारी जमीन भी गिरवी नहीं ले रहे हैं और रुपये नहीं होने के वजह से सिलीगुड़ी के पारामाउंट अस्पताल से डिस्चार्ज कर घर भेज दिया.
मामला नौ अप्रैल की है. जब रजनी पोखर टोला निवासी 45 वर्षीय लक्षमण साह गेहूं पिसाने जा रहे थे. उसी क्रम में विधायक की गाड़ी से सड़क हादसे का शिकार हो गया. उन्हें क्या पता था कि उनका गंतव्य जिंदगी और मौत के बीच अटक जायेगा. लक्ष्मण के इस हालात का जिम्मेवार कोई और नहीं बल्कि क्षेत्रीय जदयू विधायक निरंजन मेहता को ठहराया जा रहा. इस संबंध में पीड़ित लक्ष्मण के परिजनों द्वारा विधायक निरंजन मेहता के खिलाफ मधेपुरा पुलिस कप्तान के पास गयी थी.
मामला सत्ताधारी पक्ष के विधायक का होने के कारण मामले को दर्ज करने कि हिमाकत पुलिस द्वारा नहीं की जा सकी. लेकिन, पुलिस कप्तान विकास कुमार के निर्देश पर मुरलीगंज थाना में मामले को दर्ज कर अनुसंधान के नाम पर टालमटोल किया जा रहा है. सिलीगुड़ी अस्पताल से पिता के साथ लौटे लक्ष्मण के पुत्र रविशंकर कुमार ने बताया कि मुझे जानकारी मिली कि विधायक की गाड़ी ने पिताजी को ठोकर मार कर जख्मी किया गया है तो वे बिहारीगंज अस्पताल पहुंचे तो वहां चिकत्सकों ने बताया की पूर्णिया ले जाओ, लेकिन बिहारीगंज पुलिस ने उसे सादे कागज पर हस्ताक्षर करने को कहा तो उन्होंने कहा कि इस पर तो कुछ लिखा नहीं है, तो पुलिस ने कहा कि हस्ताक्षर नहीं करोगे तो नहीं ले जाने देंगे. उनके द्वारा हस्ताक्षर कर दिया गया.
पीड़ित को देखने तक नहीं आये विधायक . मानवता को शर्मसार कर एक विधायक की कार्यशैली पर लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि जब उनकी गाड़ी से ठोकर लगने के आरोप लगाये गये तो भी विधायक गरीब घायल लक्ष्मण की खोज खबर भी लेना मुनासिब नहीं समझे. आज 14 दिन बीतने के बाद भी उन्हें किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं प्राप्त हो पाया है. इस मामले में विधायक द्वारा मीडिया कर्मियों को अलग-अलग बयान दिया गये हैं.
बोले छातापुर विधायक नीरज कुमार बबलू . भाजपा छातापुर विधायक नीरज कुमार बबलू ने कहा कि विधायक का कर्तव्य होता है कि उनकी क्षेत्र की जनता कस्ट में हो तो उनकी मदद करनी. कोई गरीब अगर दुर्भाग्यवस सड़क हादसे में मौत से लड़ रहा है और गरीबी के कारण परिवार बिखरने वाला है तो मानवता के नाते भी उनकी मदद करनी चाहिए. हादसा विधायक की गाड़ी से हुई हो तब तो तुरंत ही उन्हें उपचार व उनके परिवार की मदद करनी चाहिए. उन्होंने प्रशासनिक कार्रवाई के विषय में कहा कि राज्य सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था लचर है. सरकार के विधायक पर प्रशासनिक कार्रवाई होने का तो सवाल ही नहीं उठता है.
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